
Nuh नूंह ज़िले के ऐतिहासिक घासेडा गाँव में महात्मा गांधी की मूर्ति पर दो युवकों के चढ़ने का एक वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहे इस वीडियो में युवक गांधी पार्क में गांधी जी की मूर्ति के कंधों पर बैठे हुए, तस्वीरें खिंचवाते और सोशल मीडिया रील बनाते हुए दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस हरकत की आलोचना की है। उन्होंने इसे राष्ट्रपिता का अपमान बताया और सख़्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने नूंह पुलिस को टैग करके युवकों की पहचान करने और उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। कई लोगों ने इस घटना को राष्ट्रीय हस्ती का अपमान बताया और सार्वजनिक स्मारकों पर ऐसे व्यवहार को रोकने के उपाय करने की मांग की। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नूंह पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा, "महात्मा गांधी की मूर्ति का अपमान सिर्फ़ एक स्मारक के ख़िलाफ़ हरकत नहीं है, बल्कि उन मूल्यों और आदर्शों का भी अपमान है जिनका उन्होंने प्रतिनिधित्व किया था।"
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है और वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं। यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और बंटवारे के दौर के इतिहास में घासेडा का ऐतिहासिक महत्व है। बंटवारे के समय महात्मा गांधी ने इस गाँव का दौरा किया था और मुसलमानों से भारत में ही रहने की अपील की थी, जिससे घासेडा सांप्रदायिक सद्भाव और गांधीवादी आदर्शों का प्रतीक बन गया। इस घटना ने सार्वजनिक स्मारकों पर उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की परवाह किए बिना सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के बढ़ते चलन को लेकर भी चिंताएँ बढ़ा दी हैं। पुलिस ने युवाओं से ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने और ऐसा ऑनलाइन कंटेंट न बनाने की अपील की है जिससे राष्ट्रीय प्रतीकों या सार्वजनिक संपत्ति का अपमान हो।





