हरियाणा
RWA की शिकायतों पर बड़ा एक्शन प्रदूषण बोर्ड के दो अधिकारी सस्पेंड
Ratna Netam
2 Oct 2026 6:03 PM IST

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गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के दो क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में गुरुग्राम उत्तर की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा और गुरुग्राम दक्षिण के क्षेत्रीय अधिकारी मुकुल कुमार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को गुरुग्राम के विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में शहर से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी दौरान रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को लेकर लगातार की जा रही शिकायतों का मामला भी सामने आया। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया। बोर्ड के आदेश के अनुसार आकांक्षा, क्षेत्रीय अधिकारी गुरुग्राम उत्तर और मुकुल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी गुरुग्राम दक्षिण को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रधान कार्यालय रहेगा। बोर्ड का प्रधान कार्यालय सेक्टर-6 पंचकूला में स्थित है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों को नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
गुरुग्राम हरियाणा के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। शहर में लगातार हो रहे निर्माण और बढ़ती गतिविधियों के बीच प्रदूषण से जुड़े मामलों की निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में क्षेत्रीय अधिकारियों की भूमिका भी अहम रहती है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम के विकास से जुड़े मामलों पर अधिकारियों से जानकारी ली। इसी दौरान आरडब्ल्यूए की शिकायतों का मुद्दा सामने आने के बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।
गुरुग्राम उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आकांक्षा गुरुग्राम उत्तर में क्षेत्रीय अधिकारी के रूप में तैनात थीं, जबकि मुकुल कुमार गुरुग्राम दक्षिण क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दोनों ही अधिकारियों के खिलाफ आरडब्ल्यूए की ओर से लगातार शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर मामला पहुंचने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी राज्य में प्रदूषण से जुड़े नियमों और मानकों के अनुपालन की निगरानी करना है। औद्योगिक इकाइयों से लेकर निर्माण गतिविधियों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नजर रखने में क्षेत्रीय कार्यालयों की अहम भूमिका होती है। गुरुग्राम जैसे बड़े शहरी और औद्योगिक क्षेत्र में इन जिम्मेदारियों का दायरा और भी बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। गुरुग्राम में चल रहे विकास कार्यों को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसी दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों को पेश आ रही समस्याओं और शिकायतों पर भी ध्यान दिया गया।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन शहर की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों और सोसायटियों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाती हैं। प्रदूषण से जुड़े मामलों में भी आरडब्ल्यूए की ओर से समय-समय पर संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष शिकायतें रखी जाती हैं। इस मामले में लगातार शिकायतें सामने आने के बाद मामला मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्रवाई के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय पंचकूला निर्धारित कर दिया है। निलंबन के दौरान वे बोर्ड के प्रधान कार्यालय से संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की अनुमति के अनुसार ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे। साथ ही नियमों के तहत मिलने वाला निर्वाह भत्ता उन्हें दिया जाएगा।
गुरुग्राम की समीक्षा बैठक में हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ही समय में गुरुग्राम उत्तर और गुरुग्राम दक्षिण के क्षेत्रीय अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय कार्यालयों में भी हलचल बढ़ गई है।
फिलहाल हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आदेश के तहत दोनों अधिकारियों का निलंबन लागू रहेगा। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद हुई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि गुरुग्राम के विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए की शिकायतों को भी सरकार के स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
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