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नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क पर प्रहार करें, केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहे कार्रवाई : DGP

Kavita2
2 Oct 2026 4:31 PM IST
नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क पर प्रहार करें, केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहे कार्रवाई : DGP
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पंचकूला। हरियाणा में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने अधिकारियों को तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसकी आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रहार किया जाना चाहिए।

पुलिस महानिदेशक पंचकूला में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में नशा तस्करी की रोकथाम, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करी के मामलों की जांच को केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित न रखा जाए। तस्करी के पीछे काम कर रहे लोगों, उनके सहयोगियों, सप्लाई नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अवैध कमाई के स्रोतों की भी गहन जांच की जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि नशे के कारोबार से होने वाली आर्थिक कमाई को रोकना तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

अवैध संपत्तियों की पहचान के निर्देश

पुलिस महानिदेशक ने नशा तस्करों द्वारा अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि तस्करी से अर्जित संपत्तियों की जानकारी सामने आती है तो नियमानुसार उन्हें अटैच करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अवैध संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जाए। इसके लिए प्रत्येक मामले में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

डीजीपी ने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आर्थिक तंत्र भी काम कर सकता है। इसलिए पुलिस को तस्करों के आर्थिक नेटवर्क की पहचान करने और अवैध कमाई से जुड़े संसाधनों पर कार्रवाई करने की दिशा में भी गंभीरता से काम करना होगा।

वरिष्ठ अधिकारियों से की गई समीक्षा

पंचकूला में आयोजित समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से नशा तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली गई। जिलों में दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।

डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। तस्करी में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने नशे के कारोबार में शामिल छोटे स्तर के लोगों के साथ-साथ इसके पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में नशा तस्करी से जुड़े मामलों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखने के बजाय उनके बीच संभावित कड़ियों की भी जांच की जानी चाहिए। इससे तस्करी के नेटवर्क के बारे में व्यापक जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।

वित्तीय स्रोतों की जांच पर जोर

समीक्षा बैठक में नशा तस्करों के वित्तीय स्रोतों की जांच को विशेष महत्व दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ के दौरान केवल नशे की सप्लाई और खरीदारों की जानकारी ही नहीं, बल्कि अवैध कमाई के स्रोतों और उससे बनाई गई संपत्तियों की भी जांच की जाए।

तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां किया गया, किन लोगों या संस्थानों के माध्यम से आर्थिक लेनदेन हुआ और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां अर्जित की गईं, इन पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाने को कहा गया। इससे नशे के कारोबार को आर्थिक रूप से कमजोर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जिलों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश

डीजीपी ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए और दूसरे जिलों तथा संबंधित एजेंसियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए।

उन्होंने नशा तस्करी के मामलों में जांच की गुणवत्ता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि मजबूत और तथ्यात्मक जांच से आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नेटवर्क तोड़ने की रणनीति पर फोकस

समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस नशे की तस्करी करने वाले नेटवर्क को तोड़ने और उसके आर्थिक आधार पर कार्रवाई करने पर रहा। पुलिस नेतृत्व की ओर से अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि तस्करी के किसी मामले में केवल तत्काल गिरफ्तारी को कार्रवाई की सफलता का आधार न माना जाए।

तस्करी के स्रोत, सप्लाई चैन, सहयोगियों, वित्तीय लेनदेन और अवैध संपत्तियों तक जांच को आगे ले जाने पर जोर दिया गया। इसके लिए जिलों में उपलब्ध सूचना तंत्र और जांच अधिकारियों की क्षमता का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार और समन्वित तरीके से जारी रहे। पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के बाद अब जिलों में नशा तस्करी से जुड़े मामलों की जांच में वित्तीय पहलुओं पर भी अधिक ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। तस्करों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। इससे नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कानूनी और आर्थिक दोनों स्तरों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

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