हरियाणा

स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी पतंगबाजी की तैयारी, प्रतिबंधित मांझे की बिक्री से मंडरा रहा खतरा

Kavita2
11 Aug 2026 5:49 PM IST
स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी पतंगबाजी की तैयारी, प्रतिबंधित मांझे की बिक्री से मंडरा रहा खतरा
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हरियाणा : स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही शहर में पतंगबाजी का उत्साह बढ़ने लगा है। बाजारों में रंग-बिरंगी पतंगों की मांग बढ़ गई है और लोग 15 अगस्त के जश्न की तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि, पतंगबाजी के इस उत्साह के बीच प्रतिबंधित मांझे की बिक्री का खतरा भी सामने आने लगा है। शहर के कई बाजारों में प्रतिबंधित मांझा उपलब्ध होने की शिकायतों ने प्रशासन और पुलिस के सामने चिंता बढ़ा दी है।

प्रतिबंधित मांझा आम पतंग की डोर से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है। यह सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों, पक्षियों और अन्य लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस से पहले इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

बाजारों में बढ़ी पतंग और मांझे की मांग

स्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर में पतंग उड़ाने की परंपरा के कारण इन दिनों पतंग और डोर की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। बच्चे और युवा अलग-अलग रंगों और डिजाइन वाली पतंगों की खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली डोर की बिक्री भी तेज हो गई है।

इसी बीच कुछ बाजारों में प्रतिबंधित मांझा बेचे जाने की शिकायतें सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आम नागरिकों का कहना है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर केवल कागजी कार्रवाई के बजाय नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा

प्रतिबंधित मांझे का सबसे बड़ा खतरा सड़कों पर दिखाई देता है। पतंग उड़ाते समय कटकर गिरने वाली डोर कई बार सड़क के ऊपर या किनारे फंस जाती है। दोपहिया वाहन चालक तेज गति से गुजरते समय इसकी चपेट में आ सकते हैं।

गर्दन या चेहरे पर मांझा लगने से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। कई मामलों में ऐसी घटनाएं जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। खासकर सुबह और शाम के समय जब बाजारों और मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अधिक होती है, तब सड़क के आसपास लटकी या गिरी डोर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

पक्षियों के लिए भी घातक

प्रतिबंधित मांझे से केवल इंसानों को ही खतरा नहीं है, बल्कि पक्षियों के लिए भी यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उड़ान के दौरान पक्षियों के पंख या शरीर में मांझा उलझने से वे घायल हो सकते हैं।

शहर में बड़ी संख्या में पक्षियों की मौजूदगी को देखते हुए पर्यावरण और पशु-पक्षी प्रेमी संगठनों की ओर से भी लोगों से प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल न करने की अपील की जाती रही है। पतंग उड़ाने के दौरान पक्षियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रशासन के सामने चुनौती

स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। बाजारों में दुकानों की संख्या अधिक होने के कारण प्रत्येक दुकान की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाने की जरूरत होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बड़ी दुकानों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। छोटे दुकानदारों, अस्थायी स्टॉल और बाजार के अन्य हिस्सों में भी जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा प्रतिबंधित मांझा बेचने वाले दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई होने से अन्य विक्रेताओं में भी नियमों का पालन करने का संदेश जाएगा।

थोक विक्रेताओं पर भी नजर जरूरी

प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने के लिए खुदरा दुकानों के साथ-साथ थोक विक्रेताओं पर भी निगरानी जरूरी है। यदि प्रतिबंधित मांझा शहर में बाहर से पहुंच रहा है, तो उसके स्रोत का पता लगाकर वहां कार्रवाई करना अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

प्रशासन और पुलिस को बाजारों में औचक निरीक्षण करने के साथ संदिग्ध दुकानों की नियमित जांच करनी चाहिए। इससे स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रतिबंधित मांझे की उपलब्धता को कम किया जा सकता है।

लोगों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी

प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने में प्रशासन के साथ आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। नागरिक यदि किसी दुकान पर प्रतिबंधित मांझा बिकता देखते हैं तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या पुलिस को दे सकते हैं।

माता-पिता को भी बच्चों के लिए पतंग और डोर खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। पतंग उड़ाने के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल डोर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बच्चों को सड़क, बिजली के तारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों के पास पतंग उड़ाने से भी रोकना जरूरी है।

जागरूकता अभियान की जरूरत

प्रतिबंधित मांझे के नुकसान को लेकर शहर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है। स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सुरक्षित पतंगबाजी के बारे में जानकारी दी जा सकती है।

स्वतंत्रता दिवस के दौरान बड़ी संख्या में लोग छतों और खुले स्थानों पर पतंग उड़ाते हैं। ऐसे में सुरक्षित पतंगबाजी के नियमों की जानकारी होने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

15 अगस्त से पहले सख्ती जरूरी

स्वतंत्रता दिवस में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और पतंगबाजी का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को रोकने के लिए अभियान जल्द शुरू करना जरूरी है।

प्रशासन को बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाने, प्रतिबंधित मांझे का स्टॉक जब्त करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की जानी चाहिए कि वे प्रतिबंधित मांझा न खरीदें और न ही इसका इस्तेमाल करें।

स्वतंत्रता दिवस का उत्सव खुशियों और उमंग के साथ मनाया जाए, इसके लिए जरूरी है कि पतंगबाजी किसी की जान के लिए खतरा न बने। प्रशासन की सख्ती और लोगों की जागरूकता मिलकर प्रतिबंधित मांझे के खतरे को कम कर सकती है।

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