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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर बुधवार को करनाल और कैथल में 'विकसित भारत सेवा संकल्प सभा' और 'सेवा ज्योति यात्रा' आयोजित की गईं। करनाल में हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कार्यक्रम की अगुवाई की, जबकि कैथल में कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। करनाल में, अग्रसेन चौक पर मुख्य अतिथि के तौर पर 'विकसित भारत सेवा संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए स्पीकर कल्याण ने कहा कि यह कार्यक्रम कोई आम आयोजन नहीं है। उन्होंने कहा, "आज हम पीएम मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह पीएम के जीवन से प्रेरणा लेने और संकल्प लेने का मौका है। एक विकसित राष्ट्र बनाने में हर किसी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।"
कल्याण ने इस बात पर ज़ोर दिया कि व्यक्तिगत तरक्की के साथ-साथ सेवा की भावना भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत उन्नति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान देना होगा। तभी हम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा कर सकते हैं।" उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के सदस्य और छात्र भी मौजूद थे। यात्रा का समापन मॉडल डेयरी आउटलेट पर हुआ, जहाँ 'विकसित भारत संकल्प सेवा चौक' पर मशाल स्थापित की गई। वहाँ से मुख्य अतिथि ने 'सेवा संकल्प ज्योति' मशाल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कैथल में, सांसद नवीन जिंदल और अन्य अतिथियों ने मशाल जलाई और 'सेवा ज्योति यात्रा' में हिस्सा लिया। जिंदल ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन खास महत्व रखता है क्योंकि यह पीएम मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने का दिन है, जिन्होंने अपने जीवन का एक लंबा समय राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “जनसेवा का उनका सफ़र देश के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री का संकल्प 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है, और इसी संकल्प को मज़बूत करने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया है। इस सपने को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। विकसित भारत का निर्माण सेवा, संकल्प और जन-भागीदारी से ही होगा।” जिंदल ने पिछले दशक में लगभग हर क्षेत्र में भारत की प्रगति का ज़िक्र किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को ऐसे लंबे समय से देखे जा रहे सपनों के तौर पर बताया, जो अब पूरे हो चुके हैं।
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