हरियाणा

भारत में सीनियर केयर को बेहतर बनाने के लिए ISB और Max India Foundation की ‘SCALE’ पहल शुरू

Shantanu Roy
5 Oct 2026 1:35 PM IST
भारत में सीनियर केयर को बेहतर बनाने के लिए ISB और Max India Foundation की ‘SCALE’ पहल शुरू
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Mohali. मोहाली। भारत में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और उनकी बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट (MIHM) और मैक्स इंडिया फाउंडेशन (MIF) ने मिलकर ‘स्केल’ (SCALE- Senior Care Advancement Through Learning and Evidence) पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य रिसर्च, इंडस्ट्री अनुभव और अलग-अलग हितधारकों की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर भारत में सीनियर केयर के लिए बेहतर, टिकाऊ और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले मॉडल तैयार करना है।
मैक्स इंडिया फाउंडेशन की मल्टी-ईयर सीएसआर ग्रांट से समर्थित यह पहल भारत में तेजी से बढ़ रही बुजुर्ग आबादी की जरूरतों को समझने और उनके लिए प्रभावी केयर मॉडल विकसित करने पर केंद्रित होगी। SCALE के माध्यम से रिसर्च से तैयार होने वाले एविडेंस को ऐसे व्यावहारिक इनसाइट्स में बदला जाएगा, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्री से जुड़े संस्थान और पॉलिसीमेकर्स बेहतर फैसले लेने के लिए कर सकें।
भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसी सेवाओं की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, जो आसानी से उपलब्ध हों, जरूरत के मुताबिक हों और लंबे समय तक टिकाऊ रह सकें। सीनियर लिविंग, हेल्थकेयर, एजटेक, फाइनेंसिंग और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियां और विशेषज्ञ अपने अनुभव के आधार पर अलग-अलग तरह की जानकारी और समाधान विकसित कर रहे हैं। हालांकि, यह जानकारी कई जगहों पर अलग-अलग मौजूद है। SCALE पहल इसी बिखरी हुई जानकारी को एक साथ लाकर रिसर्च आधारित एविडेंस तैयार करने की दिशा में काम करेगी।
इस पहल के तहत कंज्यूमर बिहेवियर, वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन, सोशल इंक्लूजन, ऑपरेटिंग और केयर डिलीवरी मॉडल, उनकी फाइनेंसिंग और टेक्नोलॉजी अपनाने जैसे विषयों पर रिसर्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह समझना होगा कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों की जरूरतें किस तरह बदल रही हैं और हेल्थकेयर, सामाजिक व्यवस्था, टेक्नोलॉजी तथा वित्तीय सेवाओं को उन जरूरतों के अनुरूप कैसे तैयार किया जा सकता है।
अंतरा सीनियर केयर इस पहल की फाउंडिंग इंडस्ट्री पार्टनर होगी। कंपनी के अनुभव का इस्तेमाल सीनियर केयर सेक्टर की जमीनी चुनौतियों और जरूरतों को रिसर्च से जोड़ने के लिए किया जाएगा। इससे सर्विस डिजाइन, ऑपरेटिंग मॉडल, टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल, वर्कफोर्स प्लानिंग, निवेश और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहल से जुड़े एमओयू का आदान-प्रदान मैक्स इंडिया फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी और अंतरा सीनियर केयर की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन तारा सिंह वचानी तथा ISB के डीन मदन पिल्लुतला के बीच किया गया। इस अवसर पर मैक्स इंडिया लिमिटेड के एमडी और अंतरा सीनियर केयर के सीईओ रजित मेहता, अंतरा असिस्टेड केयर सर्विसेस के सीईओ ईशान खन्ना, मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सारंग देव, ISB के डिप्टी डीन-फैकल्टी एंड रिसर्च कार्तिक बालकृष्णन और सीनियर डायरेक्टर-एडवांसमेंट, एलुमनी एंगेजमेंट एंड एक्सटर्नल रिलेशंस डीएनवी कुमार गुरु मौजूद रहे।
SCALE पहल की शुरुआत ISB के हैदराबाद कैंपस में एक स्टेकहोल्डर राउंडटेबल के साथ की गई। इसमें रिसर्चर्स, सीनियर केयर इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधि और क्लिनिशियंस ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य बुजुर्गों की बदलती केयर जरूरतों को समझना और उन क्षेत्रों की पहचान करना था, जहां आगे रिसर्च और कार्रवाई की सबसे अधिक आवश्यकता है।
मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट में SCALE को लंबे समय तक चलने वाले रिसर्च और इंडस्ट्री एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत रिसर्च कोलेबरेशन, डेटा पार्टनरशिप, पायलट प्रोजेक्ट्स, इवैल्यूएशन और नॉलेज एक्सचेंज को बढ़ावा दिया जाएगा। समय के साथ इसका लक्ष्य ऐसा इंडस्ट्री-लेवल रिसर्च बेस तैयार करना है, जो संगठनों को नए तरीकों को अपनाने, उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को समझने, निवेश और कारोबारी फैसलों को बेहतर बनाने तथा वर्कफोर्स स्ट्रैटेजी मजबूत करने में मदद कर सके।
ISB के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोफेसर सारंग देव ने कहा कि भारत ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां बुजुर्गों की बढ़ती आबादी की जरूरतों और अपेक्षाओं को देखते हुए सिस्टम, सर्विसेस और मार्केट्स को नए तरीके से तैयार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, SCALE मैनेजमेंट और रिसर्च आधारित नजरिए से इस चुनौती को समझने का प्रयास है। इसमें फाइनेंसिंग, टेक्नोलॉजी, वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन, कंज्यूमर और प्रोड्यूसर बिहेवियर तथा सोशल इंक्लूजन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।
तारा सिंह वचानी ने कहा कि भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को बुजुर्गों के लिए स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीनियर्स की जरूरतों और अनुभवों को बेहतर ढंग से समझना जरूरी है, ताकि उनके लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम और बेहतर केयर मॉडल तैयार किए जा सकें। SCALE के जरिए अंतरा सीनियर केयर के सीनियर लिविंग, केयर होम्स और सर्विसेस, वेलनेस तथा क्रॉनिक डिसीज मैनेजमेंट से जुड़े अनुभव को भी रिसर्च के साथ जोड़ा जाएगा। इससे बुजुर्गों और उनके परिवारों की बदलती जरूरतों को समझने तथा उनके लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पहल का व्यापक लक्ष्य रिसर्च, इंडस्ट्री अनुभव और साझेदारी के माध्यम से भारत में सीनियर केयर को लेकर एक मजबूत एविडेंस बेस तैयार करना है।
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