
x
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत और कार्यस्थल पर तनाव कम करने के लिए नई पहल शुरू की है। प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अब प्रतिदिन **पांच मिनट का 'वाई-ब्रेक' यानी योग ब्रेक** सुनिश्चित करने की समयबद्ध प्रक्रिया शुरू की गई है। योजना के तहत उद्योगों में काम के दौरान कर्मचारियों को पांच मिनट का समय योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी सरल गतिविधियों के लिए दिया जाएगा। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की वित्त वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप लागू किया जा रहा है।
हरियाणा के आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सोमवार, 17 अगस्त को योजना की जानकारी दी। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ उन्हें काम के बीच तनाव से राहत देना है। योजना के क्रियान्वयन के लिए आयुष विभाग और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग मिलकर काम करेंगे।
हर 50 कर्मचारियों पर होगा एक प्रशिक्षित कर्मी
योजना की खास बात यह है कि औद्योगिक इकाइयों को बाहर से हर दिन योग प्रशिक्षक बुलाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार की रूपरेखा के मुताबिक **प्रत्येक 50 कर्मचारियों पर कम से कम एक कर्मचारी को योग का प्रशिक्षण** दिया जाएगा। यह प्रशिक्षित कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर रोजाना पांच मिनट के योग सत्र का संचालन कर सकेगा।
योग सहायकों के मार्गदर्शन में औद्योगिक इकाइयों से एक या दो कर्मचारियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने एक महीने के भीतर इस प्रशिक्षण व्यवस्था को तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
अलग-अलग शिफ्ट में भी मिलेगा योग ब्रेक
हरियाणा में बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां और औद्योगिक प्रतिष्ठान अलग-अलग शिफ्ट में चलते हैं। ऐसे कर्मचारियों को योजना से बाहर नहीं रखा जाएगा। जिन इकाइयों में कई शिफ्ट हैं, वहां प्रत्येक कार्यरत शिफ्ट में 50 कर्मचारियों के समूह पर कम से कम एक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
इसका मतलब है कि सुबह, शाम या रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी भी पांच मिनट के वाई-ब्रेक का लाभ ले सकेंगे।
उद्योग और आयुष विभाग मिलकर बनाएंगे शेड्यूल
योजना को जमीन पर उतारने के लिए आयुष विभाग ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को पत्र भेजा है। इसमें सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक संगठनों तक एडवाइजरी पहुंचाने तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के अनुसार योजना लागू कराने को कहा गया है।
जिला स्तर पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक यानी GM-DIC और जिला आयुर्वेद अधिकारी मिलकर योग शिविर तथा प्रशिक्षण सत्रों का कार्यक्रम तैयार करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े उद्योगों के साथ छोटी औद्योगिक इकाइयों तक भी कार्यक्रम पहुंच सके।
पांच मिनट में क्या करेंगे कर्मचारी?
वाई-ब्रेक को लंबा योग सत्र बनाने के बजाय काम के बीच आसानी से अपनाए जाने वाले छोटे अभ्यासों पर केंद्रित रखा गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार इसमें सरल योगासन, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इनके लिए बड़े हॉल या विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी।
कर्मचारियों को आयुष मंत्रालय के वाई-ब्रेक मोबाइल ऐप और प्रशिक्षण वीडियो जैसे संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका मकसद कर्मचारियों को सही तरीके से योग अभ्यास की जानकारी देना है।
कर्मचारियों की भागीदारी रहेगी स्वैच्छिक
रिपोर्ट के मुताबिक वाई-ब्रेक में कर्मचारियों की भागीदारी **स्वैच्छिक** रखी जाएगी। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को यह भी ध्यान रखना होगा कि पांच मिनट का सत्र सुरक्षित तरीके से आयोजित हो और उत्पादन या सामान्य कामकाज अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
इससे पहले हरियाणा सरकार सरकारी कार्यालयों में भी पांच मिनट के योग ब्रेक की पहल कर चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जून 2025 में सरकारी कार्यालयों में योग ब्रेक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी। अब इसका दायरा औद्योगिक कार्यबल तक बढ़ाया जा रहा है।
बजट घोषणा को जमीन पर उतारने की तैयारी
औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पांच मिनट का योग ब्रेक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की **2026-27 की बजट घोषणा** का हिस्सा है। अब सरकार ने इसके समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार को उम्मीद है कि काम के बीच छोटा योग सत्र कर्मचारियों को मानसिक रूप से तरोताजा होने और कार्यस्थल पर स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि किसी कर्मचारी के स्वास्थ्य पर इसका वास्तविक प्रभाव उसकी व्यक्तिगत स्थिति और नियमित अभ्यास जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल हरियाणा सरकार की इस पहल के बाद प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में योग को रोजमर्रा के वर्क शेड्यूल से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। हर 50 कर्मचारियों पर एक प्रशिक्षित कर्मी तैयार करने की व्यवस्था इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाएगी।
TagsHaryanafactoriesyogabreakinitiativeहरियाणाफैक्ट्रियोंयोगब्रेकपहलजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





