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Hisar: युवाओं से पशुपालन अपनाने की अपील

Admindelhi1
24 Feb 2026 6:24 PM IST
Hisar: युवाओं से पशुपालन अपनाने की अपील
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"ग्रामीणों को पशुपालन अपनाने का संदेश"

हिसार: लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु पोषण विभाग में अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवाओं के लिए आयोजित सात दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। ‘संतुलित आहार एवं खनिज मिश्रण का पशुपालन में महत्व’ विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण में आए 23 प्रतिभागियों ने प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्य अतिथि एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सज्जन सिहाग ने पशुपालन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के कारण रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे में पशुपालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से लोगों का रुझान पशुपालन में लगातार बढ़ा है, लेकिन अधिकतर पशुपालक खनिज मिश्रण नहीं खिला रहे हैं, जिससे बांझपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं और दूध उत्पादन आशा अनुरूप नहीं हो पा रहा है। भारत वर्ष पूरे विश्व में दूध उत्पादन में प्रथम स्थान पर होने के बावजूद प्रति पशु उत्पादन में अन्य देशों से पीछे है। उन्होंने सभी पशुपालकों से आह्वान किया कि वे अपने पशुओं को प्रतिदिन 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण अवश्य खिलाएं। उन्होंने बताया कि पशु पोषण विभाग पशुओं में विशिष्ट खनिजों की कमी को ध्यान में रखते हुए उत्तम गुणवत्ता का खनिज मिश्रण तैयार कर किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध करवा रहा है, जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को आश्वासन दिया कि विभाग हमेशा उन्हें मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा कि पशु खाद्य पदार्थ प्रसंस्करण उद्योग भी युवाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकते हैं और इसे व्यवसाय के रूप में अपनाना समय की आवश्यकता है। यदि पशुधन को संतुलित आहार दिया जाए तो पशुओं की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर पशुपालक अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।

डॉ. संज्जन सिहाग ने बताया कि इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। मोटा अनाज अर्थात मिलेट्स स्वास्थ्य का आधार है, जिसे हमने समय के साथ छोड़ दिया है। मोटे अनाज सभी प्रकार के आवश्यक पोषक तत्वों का प्रचुर भंडार होते हैं तथा हमें स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिलेट्स सुपर फूड श्रेणी के अनाज हैं। हमें इन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, खपत बढ़ेगी तथा किसानों को भी उचित मूल्य मिल सकेगा।

प्रशिक्षण संयोजक डॉ. नैंसी श्योराण एवं सह-संयोजक डॉ. ज्योत्सना ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को खनिज मिश्रण एवं संतुलित आहार बनाना, पशु खाद्य पदार्थ तैयार करना तथा पशु आहार के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने हेतु बैंक से ऋण लेने संबंधी सुविधाओं से भी अवगत करवाया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

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