Hisar: विकसित भारत के लिए युवाओं की सोच अहम: प्रो. नरसी राम बिश्नोई

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम ने कहा है कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो युवाओं के नए आइडियाज को प्रोत्साहित करना होगा। गुजविप्रौवि अपने विद्यार्थियों को उनके आइडियाज विकसित करने के लिए भरपूर सहायता प्रदान कर रहा है। ई शिखर सम्मेलन-२०२५ विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए मंच देने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
प्रो. नरसी राम बिश्नोई सोमवार को विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर (पीडीयूआईआईसी) के सौजन्य से शुरू हुए तीन दिवसीय ई-शिखर सम्मेलन 2025 के उद्घाटन समारोह में विचार व्यक्त कर रहे थे। अध्यक्षता पीडीयूआईआईसी के निदेशक प्रो. विशाल गुलाटी ने की। इस सम्मेलन में देशभर से प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों की टीमें भाग ले रही हैं।
कुलपति प्रो. नरसीराम ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक मंच है, जो विचारों, रचनात्मकता और प्रदर्शन के उत्सव के द्वार खोलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नए रचनात्मक एवं राष्ट्रहित के आइडियाज लेकर आएं। गुजविप्रौवि उन आइडियाज को विकसित करने में मदद करेगा। इसके लिए पैसों और संसाधनों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने सम्मेलन में प्रदर्शित आइडियाज प्रदर्शनी के हर मॉडल को ध्यान से देखा।विद्यार्थियों से इनके बारे में पूरी जानकारी ली तथा उन्हें इन आइडियाज को स्टार्ट अप में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो. विशाल गुलाटी ने बताया कि सम्मेलन में हरियाणा के अतिरिक्त तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड व राजस्थान के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। पहले दिन प्रदर्शित आइडिया प्रदर्शनी में कृषि, स्टॉक मार्केट, मानसिक स्वास्थ्य, प्रिटिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल, स्मार्ट हॉस्टल, स्वास्थ्य आदि के अतिरिक्त हस्तशिल्प कला से संबंधित आइडियाज भी प्रदर्शित किए गए। ई शिखर सम्मेलन में सोमवार को बिजनेस क्विज तथा केस कलैश प्रतियोगिताएं भी हुई। बिजनेस क्विज में आठ तथा केस कलैश प्रतियोगिता के लिए 30 टीमें शार्ट लिस्टेड की गई थी। इस आयोजन में 500 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का संयोजन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आई कनेक्ट टीम कर रही है। गुलाटी ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शन का माध्यम नहीं रहेगा बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का माध्यम् भी बनेगा।
इस आयोजन में मंगलवार को र्स्टाटअप स्पॉट लाइट, स्टार्टअप ऑक्शन, इन्फ्लूएंसर लैब एवं दो विषय विशेषज्ञों के सत्र होंगे। बुधवार को पुरस्कार वितरण होगा। उद्घाटन सत्र में डीन एफईटी प्रो. संदीप आर्य, पीडीयूआईआईसी उपनिदेशक प्रो. मुनीश गुप्ता, डॉ. प्रताप मलिक, प्रो. ओपी सांगवान, प्रो. सुरेश मित्तल, प्रो. मनीश्रेष्ठ, प्रो. विमल झा, डा. सुमित सरोहा तथा डा. आदित्य वीर सिंह आदि भी उपस्थित रहे।





