हरियाणा

Hisar: भारतीय ज्ञान परंपरा में प्राकृतिक जीवन शैली का महत्व

Admindelhi1
14 May 2026 10:58 AM IST
Hisar: भारतीय ज्ञान परंपरा में प्राकृतिक जीवन शैली का महत्व
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"भारतीय संस्कृति की पहचान है प्राकृतिक जीवन शैली"

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि मीठे पानी की छबील भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता का सुंदर प्रतीक है। प्राचीन काल से भारत में प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जीवन जीने की परंपरा रही है, जो हमारी अमूल्य विरासत है।

डॉ. विजय कुमार बुधवार को विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सेवा स्क्वाड द्वारा एकादशी के पावन अवसर पर लगाई गई मीठे पानी की छबील के शुभारंभ के बाद विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। डाॅ. विजय कुमार ने कहा कि छबील न केवल प्यास बुझाने का माध्यम है, बल्कि समानता, मानव सेवा और करुणा का संदेश भी देती है। उन्होंने गुरु अर्जुन देव जी की शहादत का उल्लेख करते हुए बताया कि सिख परंपरा में भी छबील को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने स्वयं छबील में सेवा दी। विश्वविद्यालय के सिटी गेट के निकट लगाई गई इस छबील में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों को दूध मिश्रित मीठे पानी का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में लगभग 3000 लोगों ने छबील का लाभ उठाया।

आयोजक डॉ. नेहा यादव ने बताया कि नचिकेता भट्ट, अक्षय यादव, ओमबीर सिंह, कुलदीप, प्रेम कुमार, भारत सोनी, अभिनव, अंकित यादव, आदित्य सैनी, हरप्रीत, लावन्या, पवन कुमार, विश्वजीत पांडेय सहित कई विद्यार्थियों ने छबील को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. यशपाल सिंगला व प्रो. देवेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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