Hisar: प्रो. नीरज दिलबागी ने विद्यार्थियों को कचरे के सही प्रबंधन की शिक्षा दी

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एमएससी माइक्रोबायोलॉजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने रिसोर्स मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक प्रो. नीरज दिलबागी के नेतृत्व में यह भ्रमण किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डा. केडी रावत भी उनके साथ थे।प्रो. नीरज दिलबागी ने शुक्रवार काे विद्यार्थियों को बताया कि जब हम गीले व सूखे कूड़े को इकट्ठा करके रख देते हैं, तो उससे पर्यावरण पर क्या-क्या दुष्प्रभाव पड़ते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग करके रखें तथा इधर-उधर न फेंकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को साफ सुथरा है। इसको स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में अपना हर संभव सहयोग दें। अपने आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। डा. केडी रावत ने भी विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए सबके सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।विश्वविद्यालय कैंपस के घरों, दुकानों, अलग-अलग विभागों इत्यादि से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले अलग-अलग तरह के कूड़े को ईको-मित्र की टीम सुबह कलेक्ट करना शुरू कर देती है। ग्रीन अर्थ संस्था कुरुक्षेत्र रिसोर्स मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी सेंटर का रखरखाव और संचालन कर रही है।
संस्था की तरफ से मैनेजर प्रेम कुमार व मुनेष कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि अगर हम घरों, कार्यालयों, दुकानों इत्यादि से निकलने वाले विभिन्न प्रकार के कूड़े को अलग-अलग करके रखते हैं, तो उसको हम बहुत ही उपयोगी संसाधन में बदल सकते हैं।





