
हिसार: लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, (लुवास) में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अनेक अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने शुक्रवार काे विश्व पशु चिकित्सा दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पशु चिकित्सक समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो न केवल पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, बल्कि ‘वन हेल्थ’ की अवधारणा को साकार करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश खुराना उपस्थित रहे। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के वेटरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स परिसर में हुआ जिसओं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संचालन में वेटरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स के विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञान सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण एवं पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 200 से अधिक कुत्तों, बिल्लियों एवं अन्य छोटे पशुओं का टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही पशुओं में बांझपन तथा मास्टाइटिस जैसी गंभीर समस्याओं पर जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने पशुपालकों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। शिविर में हरियाणा कृषि विश्वविधालय के कैम्पस स्कूल के छात्रो ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश खुराना ने अपने संबोधन में कहा कि पशुचिकित्सकों की भूमिका आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि पशुओं का स्वास्थ्य सीधे मानव स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की अनुसंधान निदेशक डॉ. सुशीला मान, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम, कुलसचिव डॉ. राम नजर चौधरी, मानव संसाधन एवं प्रबंधन निदेशिका डॉ. सोनिया सिंधु, आईपीवीएस निदेशक डॉ. पवन कुमार, स्नातकोत्तर अधिष्ठाता डॉ. सुखदीप वोहरा, लेखा नियंत्रक विकास खरब, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।





