Hisar: ऑपरेशन सिंदूर के लिए भले सिंह को सम्मानित किया गया

हिसार: युवाओं को सेवार्थ भाव से प्रशिक्षित करने और स्वावलंबन की राह पर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इंदिरा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट ने वीरता पदक से अलंकृत वीर योद्धा भले सिंह के सम्मान में बुधवार काे भव्य समारोह का आयोजन किया।
इस अवसर पर निशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बस स्टेंड के पास ऋषि नगर में स्थापित इंदिरा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के परिसर में पहुंचने पर ढोल बजाकर और नाचते हुए योद्धा भले सिंह का स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भारत माता की जय के उदघोष से गूंज उठा।
सम्मान समारोह व निशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, दीप प्रज्ज्वलन व तिलक करके हुआ। इस अवसर पर ट्रस्ट से जुड़े विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान भले सिंह ने बालाकोट एयर स्ट्राइक व ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित अपने अनुभव साझा करके देशभक्ति की अलख जगाई। ट्रस्ट के अध्यक्ष रजत गुप्ता ने भले सिंह को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया। इस दौरान ट्रस्ट की तरफ से बेटियों में फ्री बुक भी वितरित की गई। भले सिंह ने कड़ी मेहनत, पढ़ाई, लक्ष्य निर्धारण और देशभक्ति के मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर देशवासी में अपनी मातृभूमि की खातिर तन, मन व धन से सेवा का जज्बा होना चाहिए।
समारोह के दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष रजत गुप्ता ने कहा कि योद्धा भले सिंह ने वीरता का परिचय देते हुए देशभक्ति की मिसाल कायम की है। भले सिंह को उनके अदम्य साहस, रणनीतिक नेतृत्व और शौर्यंपूर्ण सेवा के लिए 15 अगस्त 2025 को मेंशन इन डिस्पैच के तहत राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। भले सिंह ने बालाकोट एयर स्ट्राइक जिसे ऑपरेशन बंदर के नाम से जाना जाता है और ऑपरेशन सिंदूर में विशेष भूमिका निभाई है।
योद्धा भले सिंह ने देश का नाम किया रोशन जिले के रावलवास खुर्द में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले भले सिंह ने अपने 20 वर्षों के सैन्य जीवन में देश को गौरवान्वित किया है। 28 जून 2005 को भारतीय वायुसेना की टेक्निकल ब्रांच में मिसाइल फिटर ट्रेड से सेवा आरंभ करने वाले भले सिंह ने रूस निर्मित मिसाइल प्रणाली ‘पिचोरा’ में 16 वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं। वर्ष 2019 में हुए ऑपरेशन बंदर (जिसे आमतौर पर बालाकोट एयर स्ट्राइक के नाम से जाना जाता है) के दौरान भले सिंह की यूनिट ने पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई को विफल करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
यह ऑपरेशन भारत की वायुसेना के शौर्य और रणनीतिक श्रेष्ठता का प्रमाण बना जिसमें भले सिंह जैसे योद्धाओं का अमूल्य योगदान रहा। वर्ष 2025 में रिटायरमेंट से महज एक माह पूर्व, एस-400 मिसाइल सिस्टम में कार्यरत रहते हुए भले सिंह ने अपनी यूनिट के साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान के विमानों को मार गिराया और पाकिस्तान द्वारा छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में विशेष भूमिका निभाई।





