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Hisar: विकास की राह में एआई की बड़ी भूमिका: प्रो. नरसी राम बिश्नोई

Admindelhi1
27 Sept 2025 10:05 AM IST
Hisar: विकास की राह में एआई की बड़ी भूमिका: प्रो. नरसी राम बिश्नोई
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हिसार: यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग के सौजन्य से ‘प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शुक्रवार काे अपने संदेश में कहा कि गुजविप्रौवि अपने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कौशलयुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए प्रिंटिंग विभाग को बधाई दी।

इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रोफेसर संदीप कुमार आर्य कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला की विशेषज्ञ वक्ता प्रोफेसर टीकेएस लक्ष्मीप्रिय रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं संयोजक डा. वंदना गुप्ता ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डा. बिजेन्द्र कौशिक उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता प्रो. संदीप कुमार आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस अब केवल एक भविष्यवादी विचार नहीं रह गया है। यह पहले से ही दुनिया भर के उद्योगों में बदलाव ला रहा है और प्रिंटिंग व पैकेजिंग भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखने और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करने का आह्वान किया।

विशेषज्ञ वक्ता प्रोफेसर टीकेएस लक्ष्मीप्रिय ने अपने व्याख्यान में बताया कि किस प्रकार मशीन लर्निंग, मशीन विजन और डेटा एनालिटिक्स जैसी एआई तकनीक प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग में डिजाइन को अधिक रचनात्मक, उत्पादन को अधिक कुशल और पैकेजिंग को अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बना रही हैं। उनके व्याख्यान ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को नई सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित किया।

विभागाध्यक्षा डा. वंदना गुप्ता ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है, जो प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग में बड़े बदलाव ला रही है। एआई की मदद से डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन क्षमता और स्थिरता में अभूतपूर्व सुधार हो रहे हैं।

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