Hisar: सफलता के लिए प्रशिक्षण और नई तकनीक अपनाएं: डाॅ. मनाेज

हिसार: लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), के पशु शल्य चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी विभाग की ओर से फार्म एवं पालतू पशुओं की शल्य चिकित्सा में नवीन प्रगतियों पर आधारित
21 दिवसीय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) प्रायोजित विंटर स्कूल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत संकाय सदस्यों के पेशेवर कौशल को सुदृढ़ करना एवं नवीन तकनीकों से अवगत कराना रहा।
लुवास के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 10 विभिन्न राज्यों से 25 शिक्षाविदों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के समापन समारोह में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. मनोज रोज मुख्य अतिथि रहे। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बुधवार काे कहा कि पशु चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर क्षमता निर्माण एवं अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस विंटर स्कूल को अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
इस अवसर पर आईपीवीएस के निदेशक डॉ. पवन कुमार एवं विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम भी उपस्थित रहे। उन्होंने आईसीएआर प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को नवीन अनुसंधान तकनीकों से जोड़ने एवं शोध परिणामों की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. प्रियंका ने किया वहीं डॉ. नीरज अरोड़ा ने प्रतिभागियों के अनुशासन, सहयोगात्मक भावना एवं प्रशिक्षण के प्रति उनकी सीखने की ललक की सराहना की। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान सिखाई गई आधुनिक शल्य विधियों एवं डायग्नोस्टिक इमेजिंग की विभिन्न तकनीकों की विशेष रूप से सराहना की तथा हरियाणा की आतिथ्य परंपरा को अविस्मरणीय बताया।
कोर्स निदेशक एवं सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन चौधरी ने बताया कि इस 21 दिवसीय विंटर स्कूल के अंतर्गत विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र एवं संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु चिकित्सा विज्ञान के उभरते क्षेत्रों में ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना एवं अनुसंधान क्षमताओं को सशक्त बनाना रहा। र्स समन्वयक डॉ. दीपक तिवारी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), विश्वविद्यालय प्रशासन, संसाधन विशेषज्ञों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। जनसंसपर्क अधिकारी डॉ. निलेश सिंधु ने बताया कि लुवास विश्वविद्यालय में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान की अकादमिक साख को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पशु चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।





