
हिसार: हांसी क्षेत्र के गांव गुर्जर बाड़ा गांव में एक किसान के घर में बने पशु बाड़े में भीषण आग लग गई। आग की इस घटना में 17 पशु आग की चपेट में आ गए, जिनमें से 7 पशु गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि पशु बाड़े की छत जलकर जमीन पर आ गिरी वहीं पशु बाड़े में रखा सारा सामान व पशुओं का चारा जलकर राख हो गया।
सूचना मिलने पर डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पशु बाड़े में लगी आग पर काबू पाया। मामले की जानकारी देते हुए पशु बाड़े के मालिक राजेंद्र उर्फ लक्खा ने बताया की शनिवार अलसुबह करीब ढाई बजे उनके घर में बने पशुओं के बाड़े में आग लग गई। आग लगने घटना का पता तब चला जब पशुओं के पास लगाया गया पंखा अचानक बंद हो गया। जब हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि पशु बाड़े में लगी आग काफी फैल चुकी थी और आग की लपटों ने बाड़े में बंधे सभी पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों को पशुबाड़े में आग लगने की सूचना दी। आग लगने की सूचना मिलते ही पड़ोसी डॉ. संजय मौके पर पहुंचे और उन्होंने साहस दिखाते हुए कंबल ओढ़ कर जलते हुए पशु बाड़े में प्रवेश किया और उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पशु बाड़े का दरवाजा खोलकर पशुओं को बाहर निकाला।
राजेंद्र ने बताया कि यदि डॉ. संजय ने समय रहते जलते पशु बाड़े में घुस कर पशुओं को बाहर नहीं निकालते तो सभी पशुओं की जान जा सकती थी। पीड़ित राजेंद्र ने बताया कि उसकी सात बेटियां हैं और वह एक एकड़ जमीन पर खेती व पशु पालकर कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना में पशु बाड़े की छत, कुलर, वॉशिंग मशीन, आटा चक्की, गेहूं और पशुबाड़े में पशुओं के लिए रखी तूड़ी सहित घर का अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। उन्होंने बताया कि आगजनी की इस घटना से उसे करीब पांच लाख का नुकसान हो गया। उन्होंने प्रशासन से नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक मदद प्रदान किए जाने की गुहार लगाई है।





