
कैथल। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में नए स्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण की योजना तैयार की है। इसके तहत जिले में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवनों का निर्माण किया जाएगा। नए भवन बनने से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गांव जाखौली, बालू और बाता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, पाई और सजूमा स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है। इन केंद्रों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नए भवनों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
पाई गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र की इमारत काफी पुरानी और जर्जर हालत में है, जबकि सजूमा का स्वास्थ्य केंद्र किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है। नए भवन बनने के बाद यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी बढ़ाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए भवनों के निर्माण के साथ-साथ चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।
वर्तमान में कैथल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क काफी बड़ा है। जिले में कुल 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन शहरी स्वास्थ्य केंद्र और छह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। हालांकि, इन केंद्रों में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की कमी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 12 ऐसे हैं, जहां वर्तमान में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। इसका सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। डॉक्टरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे वहां मरीजों का दबाव बढ़ रहा है।
विभाग का मानना है कि नए स्वास्थ्य केंद्र भवन बनने और चिकित्सकों की नियुक्ति होने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आएगा। मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और उन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। नए भवनों में बेहतर सुविधाएं, पर्याप्त जगह और मरीजों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। इसी के तहत पुराने और जर्जर स्वास्थ्य केंद्रों को नए भवनों में बदलने की योजना बनाई गई है।
कैथल में स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों का निर्माण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी पहले से बेहतर हो सकेगी।





