Haryana: शराब ठेकों की नीलामी में कम रुचि, 12 हजार करोड़ राजस्व चुनौती

Haryana हरियाणा की वर्ष 2025-27 की आबकारी नीति से इस बार राजस्व जुटाना काफी मुश्किल हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में शराब के ठेकों की बिक्री से प्राप्त होने वाले राजस्व की वृद्धि दर पूरे देश में सबसे अधिक थी, जिसमें इस बार गिरावट आने की संभावना है।एनसीआर के तीन प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत तथा उत्तरी हरियाणा के पंचकूला जिले से हरियाणा को सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है,
लेकिन इस बार शराब कारोबारियों ने एनसीआर के तीनों जिलों में शराब के ठेके खरीदने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई है।हालांकि शराब ठेकेदार इसके लिए शराब के ठेकों में अपराधियों द्वारा अपनी हिस्सेदारी डालने तथा अवैध वसूली को कारण बता रहे हैं, लेकिन कुछ ठेकेदारों का कहना है कि शराब नीति लांच करने से पहले जिस तरह से पिछले वर्षों में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच संवाद होता रहा है, वैसा इस बार नहीं हुआ।





