हरियाणा

पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में हरियाणा, हिसार में न्यूनतम तापमान सबसे कम 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज

Gulabi
17 Jan 2022 8:14 AM GMT
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में हरियाणा, हिसार में न्यूनतम तापमान सबसे कम 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज
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हरियाणा में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है
हिसार: हरियाणा में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली ठंड (haryana weather update) पड़ रही है. पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से हरियाणा शीतलहर की चपेट में है. हरियाणा में शीतलहर के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. हिसार में न्यूनतम तापमान सबसे कम 5.8 दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे कम रहा. दूसरे नंबर पर नारनौल (महेंद्रगढ़) रहा. जहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.हरियाणा के औसत न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव नहीं आया है
यह सामान्य से 1.8℃ ज्यादा है. वहीं करनाल में अधिकतम तापमान या दिन का तापमान 10℃ से कम रहा जोकि सामान्य से 6.4℃ कम है. सोमवार को सूबे के ज्यादातर जिलों में कोहरे की हल्दी चादर चढ़ी दिखाई दी. जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई. अल सुबह हरियाणा के कई जिलों में कोहरे के चलते विजिबिलिटी बहुत कम रही. हरियाणा मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे के पड़ने की संभावना जताई है. मौसम विभाग की ओर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में कोल्ड डे (cold wave in haryana) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.मौसम विभाग प्रदेश में (haryana meteorological department) 17 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से हवा में बदलाव, उत्तर पश्चिम से दक्षिण पूर्व और पूर्वी हो जाने से राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना भी है. हिसार में मौसमी प्रभाव की वजह से प्रदेश में सबसे अधिक ठंड पड़ रही है.
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एम एल खीचड़ के अनुसार - हरियाणा राज्य में 19 जनवरी तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 से 19 जनवरी के दौरान आंशिक बादल संभावित है. वहीं मौसम विभाग की तरफ से शीतलहर व कोहरे को लेकर 17 जनवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
उत्तर पश्चिमी शीत हवाएं चलने से रात के तापमान में गिरावट संभावित है. कोहरे और शीतलहर से एक तरफ आम आदमी की परेशानी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ किसानों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक गेहूं की फसल इसी मौसम और तापमान में सही तरीके से पकती है. शीतलहर और कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद होगा.
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