
Haryana हरयाणा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में 10,000 से ज़्यादा CET (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) रिक्रूट्स की नौकरी बहाल कर दी है, जिन्हें पहले कैंसिल कर दिया गया था। कोर्ट ने माना कि 24 खास ग्रुप्स (ग्रुप्स) की भर्ती कैंसिल करने का आदेश गलत तरीके से लागू किया गया था। यह राहत मुख्य रूप से स्टाफ नर्स, फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर रहने वालों को मिली है।
मुख्य विवरण:
किसको मिली राहत: लगभग 10,458 स्वयंसेवकों को राहत मिली है, जो 24 समूहों में रहने वाले थे, न कि सभी समूहों में।
कोर्ट का फैसला: जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की बेंच ने 57 रिव्यू याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।
ग्रुप 56-57 पर प्रभाव: हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुराना आदेश केवल "ग्रुप 56-57" पर लागू होगा, जहां सामाजिक-आर्थिक मानदंड (सोशियो-इकोनॉमिक क्राइटेरिया) का प्रभाव बहुत ज़्यादा था।
फैसले का आधार: कोर्ट ने नोट किया कि 24 अन्य समूहों में, सभी पात्र अभ्यर्थियों को CET-II में शामिल होने की अनुमति दी गई थी और परिणाम में कोई सामाजिक-आर्थिक अंक नहीं दिए गए थे।
पूर्व पृष्ठभूमि: मई 2024 में, कोर्ट ने पूरे CET-आधारित भर्ती को रद्द कर दिया था, जिसे अब केवल इच्छुक समूहों तक सीमित कर दिया गया है।





