हरियाणा

धान खरीद को लेकर केंद्र के संपर्क में हरियाणा सरकार

Kiran
5 Sept 2026 1:06 PM IST
धान खरीद को लेकर केंद्र के संपर्क में हरियाणा सरकार
x

चंडीगढ़: हरियाणा में धान की खरीद का सीजन शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने किसानों की उपज की सुचारू खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार धान खरीद से जुड़े सभी मुद्दों पर केंद्र के संपर्क में है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीद सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंडियों में फसल पहुंचने के साथ ही खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले।

धान की खरीद के दौरान मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर हर साल किसानों और आढ़तियों की ओर से कई तरह की चिंताएं सामने आती हैं। इनमें फसल की गुणवत्ता की जांच, नमी की मात्रा, खरीद एजेंसियों द्वारा उठान, बारदाने की उपलब्धता और भुगतान में देरी जैसे मुद्दे प्रमुख होते हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस बार इन सभी पहलुओं पर पहले से ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में किसानों के लिए जरूरी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंडी स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो। धान खरीद में केंद्र सरकार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), खरीद से जुड़े मानदंड और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय जैसे विषयों पर राज्य और केंद्र के बीच लगातार बातचीत की जरूरत रहती है। इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार केंद्र के साथ संपर्क में है, ताकि खरीद सीजन के दौरान किसी तरह का प्रशासनिक या तकनीकी व्यवधान पैदा न हो।

राज्य के किसानों के लिए धान प्रमुख खरीफ फसलों में से एक है। बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं और मंडियों में सरकारी खरीद उनके लिए आय का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी सीधे किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

सरकार की ओर से मंडियों में फसल की आवक को देखते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है। अधिकारियों को खरीद एजेंसियों, मार्केट कमेटियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा धान के उठान की प्रक्रिया को तेज रखने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि मंडियों में फसल जमा न हो और नई आवक के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे। किसानों की ओर से भी सरकार से यह मांग की जाती रही है कि धान खरीद के दौरान नमी और गुणवत्ता संबंधी नियमों को व्यवहारिक तरीके से लागू किया जाए। किसानों का कहना है कि मौसम में बदलाव और फसल की कटाई के समय बारिश जैसी परिस्थितियों का असर धान की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। ऐसे में खरीद केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाना जरूरी है।

हरियाणा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। यदि किसी मंडी में खरीद को लेकर समस्या आती है तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च का सामना न करना पड़े। धान खरीद का मुद्दा केवल किसानों तक सीमित नहीं है। इससे आढ़तियों, मजदूरों, परिवहन से जुड़े लोगों और मंडी व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है। खरीद प्रक्रिया के सुचारू रहने से पूरी कृषि अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। इसलिए राज्य सरकार खरीद व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार के साथ लगातार बातचीत कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान खरीद से जुड़े जरूरी इंतजाम समय पर पूरे हों। राज्य सरकार का कहना है कि मंडियों में फसल की आवक बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं को उसी अनुपात में मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार इस बार धान खरीद सीजन को लेकर पहले से तैयारी करने में जुटी है। केंद्र के साथ समन्वय, मंडियों में पर्याप्त सुविधाएं, खरीद एजेंसियों की सक्रियता और समय पर उठान जैसे कदमों के जरिए सरकार किसानों को राहत देने की कोशिश कर रही है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि खरीद सीजन शुरू होने के बाद ये व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।

Next Story