
Haryana हरियाणा: सामाजिक सरोकारों को जनभागीदारी से जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण ने पशु कल्याण के क्षेत्र में एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है। मंगलवार को हिसार में देश का पहला संगठित पशु रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जो पशु चिकित्सा सेवाओं में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल दैनिक जागरण की संकल्पना पर लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के सहयोग से शुरू किए गए ‘जीव संजीवनी’ महाअभियान का हिस्सा है।
इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य पशुओं के लिए एक स्वैच्छिक रक्तदाता नेटवर्क विकसित करना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में घायल या बीमार पशुओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है और भविष्य में कई पशुओं की जान बचाने में मददगार साबित होगी।
शिविर के पहले दिन चार श्वानों और एक भैंस ने रक्तदान कर इस अभियान की शुरुआत को सफल बनाया। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि देश में पहली बार इस तरह का संगठित पशु रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पशुओं ने भाग लिया।
लुवास विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में पूरे शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि पशुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विशेषज्ञों ने बताया कि रक्तदान से पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह चिकित्सा दृष्टिकोण से भी सुरक्षित प्रक्रिया है।
इस पहल को लेकर पशु चिकित्सकों और पशु प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला। उनका मानना है कि यदि इस तरह का नेटवर्क देशभर में विकसित किया जाता है तो गंभीर रूप से घायल या बीमार पशुओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा।
‘जीव संजीवनी’ महाअभियान के तहत भविष्य में और भी रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक पशुओं को इस नेटवर्क से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही पशु मालिकों को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपने स्वस्थ पशुओं को स्वैच्छिक रक्तदाता के रूप में पंजीकृत कर सकें।
कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं, बीमारियों या सर्जरी के दौरान पशुओं को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन समय पर रक्त न मिलने के कारण कई बार उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह पहल पशु चिकित्सा सेवाओं में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
दैनिक जागरण की इस पहल को सामाजिक और चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल पशु कल्याण को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है।
शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से लोगों में पशुओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे उनके स्वास्थ्य को लेकर अधिक जिम्मेदार बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल आने वाले समय में एक राष्ट्रीय मॉडल बन सकती है।
‘जीव संजीवनी’ महाअभियान का उद्देश्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना भी है।
कुल मिलाकर, हिसार में शुरू हुआ यह पशु रक्तदान शिविर देश में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल आने वाले समय में पशु कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखती है और इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।





