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Gurugram: नायब सिंह सैनी का संकल्प, हर सपने को मिले उड़ान

Admindelhi1
9 Feb 2026 8:19 PM IST
Gurugram: नायब सिंह सैनी का संकल्प, हर सपने को मिले उड़ान
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"हर सपने को उड़ान"

गुरुग्राम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दिव्यांग खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देने के लिए प्रदेश में उनके लिए अलग से स्टेडियम और विशेष खेल सुविधाएं दी जाएंगीं। खिलाड़ी का साहस ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। जब हौसले बुलंद हों तो कोई भी कमी सफलता की राह नहीं रोक सकती। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान मिले।

यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड में नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता (पुरुष) के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए आयोजन के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, खेल मंत्री गौरव गौतम तथा पटौदी से विधायक विमला चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने पहले टी-20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप की विजेता भारतीय महिला महिला क्रिकेट टीम की खिलाडिय़ों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर देश का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र, विशेषकर दिव्यांग खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संकल्प, साहस और समान अवसरों का उत्सव है। दृष्टिबाधित खिलाड़ी अपनी मेहनत और आत्मबल से यह सिद्ध कर रहे हैं कि सफलता के लिए दृष्टि नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1990 से दृष्टिबाधित क्रिकेट खेला जा रहा है। यह टूर्नामेंट सीएबीआई के संस्थापक अध्यक्ष एस.पी. नागेश की स्मृति में आयोजित किया जाता है।

नागेश ट्रॉफी के 8वें संस्करण में 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं और कुल 73 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता से चयनित 17 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी वर्ष 2026-27 की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार कर रही है। दिव्यांगजनों और खिलाडिय़ों के सशक्तिकरण के लिए खेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। प्रशिक्षण सुविधाएं, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं ताकि हर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके।

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