Gurugram: स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम की टीम ने अवैध भ्रूण लिंग जांच केंद्र का भंडाफोड़ किया

गुरुग्राम: स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम की टीम ने स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी के साथ बागपत के खेकड़ा कस्बे के एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में अवैध रूप से चल रहे भ्रूण लिंग जांच केंद्र का भंडाफोड़ किया।
कार्रवाई के दौरान गैंगस्टर का आरोपी गर्भवती महिलाओं का भ्रूण लिंग जांच करता मिला। टीम ने पूछताछ के बाद गैंगस्टर व चिकित्सक समेत तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। जांच में अल्ट्रासाउंड सेंटर गैंगस्टर के नाम पर ही पंजीकृत मिला। गिरोह 15 से 20 हजार रुपये में भ्रूण की जांच करता था। सिविल सर्जन गुरुग्राम डॉ. अल्का को सूचना मिली थी कि बागपत के खेकड़ा कस्बा स्थित श्री श्याम अल्ट्रासाउंड सेंटर में आपराधिक प्रवत्ति के लोगों द्वारा भ्रूण लिंग परीक्षण कराया जा रहा है। सूचना की पुष्टि करने के लिए टीम बागपत खेकड़ा पहुंची और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मियों को साथ लेकर छापेमारी की। पीसीपीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित धनखड़ ने बताया कि गुरुग्राम टीम ने स्थानीय सीएचसी से मेडिकल आॅफिसर डॉ. अमित गुप्ता के साथ पूरे गिरोह का पदार्फाश करने के लिए जाल बिछाया।
डिकोय महिला को 15 हजार रुपये दिए गए और नोटों के नंबर पहले ही नोट कर लिए थे। डिकोय महिला अपने नकली पति के साथ केंद्र के काउंटर पर 500 रुपये जमा करके अंदर गई तो डॉ. गौरव गुप्ता कुर्सी पर बैठे थे। जबकि, सचिन नाम का व्यक्ति अल्ट्रासाउंड करता मिला। डिकोय महिला ने अपना अल्ट्रासाउंड करवाया और लिंग जांच करने का अनुरोध किया। सचिन ने साढ़े 9 हजार रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड करने के बाद गर्भ में लड़की होने की बात कही। तभी महिला का इशारा मिलते ही टीम ने केंद्र में छापा मारा और डॉ. गौरव गुप्ता, सचिन व आदर्श कुमार को रंगेहाथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी सचिन ने 10 गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड करने की बात कबूली, जिसमें से 6 अल्ट्रासाउंड के फॉर्म एफ बरामद किए गए। टीम ने सचिन प्रजापति, डॉ. गौरव गुप्ता व आदर्श कुमार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय थाने में मेडिकल आॅफिसर डॉ. अमित गुप्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
गैंगस्टर के नाम पर पीसीपीएनडीटी रजिस्ट्रेशन: टीम को कार्रवाई के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्र के अंदर डॉ. गौरव गुप्ता मिला, लेकिन अल्ट्रासाउंड सचिन नाम का युवक कर रहा था। पूछताछ में चिकित्सक ने टीम को बताया कि सचिन केंद्र स्वामी है, इसलिए वह अल्ट्रासाउंड कर रहा है। टीम की जांच में सामने आया कि सेंटर स्वामी सचिन के संरक्षण में भ्रूण लिंग जांच का गैर कानूनी कार्य चल रहा था। पीसीपीएनडीटी रजिस्ट्रेशन सचिन के नाम पर पंजीकृत है। श्री श्याम अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को रोकने के प्रयास हुए। खुद को घिरा देखकर आरोपी सचिन ने अपने समर्थन में तपेश उर्फ विनय समेत अन्य कई आपराधिक गतिविधियों वाले व्यक्तियों को सूचना देकर बुला लिया। अराजकतत्वों द्वारा टीम पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाने लगे। स्थानीय पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी सचिन के खिलाफ गाजियाबाद एवं बागपत जिले में कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। सचिन के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई है।
खेकड़ा कस्बे में अवैध रूप से चल रहे भ्रूण लिंग परीक्षण केंद्र की सूचना मिली थी। स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम की टीम ने छापेमारी करके चिकित्सक समेत तीन लोगों को पकड़ा है। - डॉ. अल्का, सिविल सर्जन, गुरुग्राम।





