हरियाणा

हाईटेंशन तार से टकराया झंडा, 15 वर्षीय किशोर की मौत

Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 12:04 AM IST
हाईटेंशन तार से टकराया झंडा, 15 वर्षीय किशोर की मौत
x
पानीपत। हरियाणा के पानीपत में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय गौरव की करंट लगने से मौत हो गई। गौरव हनुमान स्वरूप की टोली में शामिल था और हाथ में झंडा लेकर चल रहा था। शहर के हरि सिंह चौक के पास झंडा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। इसके बाद गौरव करंट की चपेट में आ गया। इस घटना से धार्मिक आयोजन के दौरान अफरा-तफरी मच गई। एक किशोर की असमय मौत से परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
झंडा हाईटेंशन तारों से टकराया
जानकारी के अनुसार, पानीपत के हरि सिंह चौक पर मंगलवार देर रात धार्मिक आयोजन के दौरान हनुमान स्वरूप की टोली गुजर रही थी। टोली में 15 वर्षीय गौरव भी शामिल था। वह झंडा लेकर चल रहा था। इसी दौरान झंडा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों के संपर्क में आ गया।
हाईटेंशन तारों के संपर्क में आते ही गौरव करंट की चपेट में आ गया। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। कुछ ही पलों में धार्मिक आयोजन का माहौल मातम में बदल गया। घटना को देखकर वहां मौजूद लोगों में चिंता और अफरा-तफरी फैल गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने गौरव को बचाने की कोशिश की। हालांकि, बिजली के करंट से जुड़े ऐसे हादसों में तत्काल सावधानी बरतना बेहद जरूरी होता है। बिजली की आपूर्ति बंद किए बिना पीड़ित को छूना बचाव करने वाले लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
इस तरह की स्थिति में सबसे पहले बिजली विभाग या आपातकालीन सेवाओं को सूचना देकर बिजली की सप्लाई बंद कराने की जरूरत होती है। इसके बाद ही प्रशिक्षित बचावकर्मियों की मदद से पीड़ित तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सकता है।
गौरव की मौत की खबर फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। जिस किशोर को टोली के साथ झंडा लेकर चलते हुए देखा जा रहा था, उसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
15 वर्ष की उम्र जीवन की शुरुआत मानी जाती है। इस उम्र में बच्चे पढ़ाई, खेलकूद और भविष्य के सपने देखते हैं। ऐसे में गौरव की करंट लगने से हुई मौत ने उसके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। परिवार के लिए यह क्षति बेहद पीड़ादायक है।
घटना ने स्थानीय लोगों को भी दुखी कर दिया। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और कई बार झंडे, ध्वज या अन्य ऊंची वस्तुएं लेकर जुलूस निकाले जाते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान बिजली की तारों की ऊंचाई और उनके आसपास की सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
हाईटेंशन तारों के पास विशेष सावधानी जरूरी
हाईटेंशन बिजली की तारें गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। इनके संपर्क में आने से जानलेवा करंट लग सकता है। कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि झंडा, धातु की छड़ या कोई अन्य ऊंची वस्तु बिजली की तारों के कितने करीब है। ऐसे में जुलूस या धार्मिक आयोजन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो जाती है।
आयोजन समितियों को जुलूस का रास्ता तय करते समय ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों, संकरी सड़कों और अन्य संभावित खतरों का पहले से आकलन करना चाहिए। जहां हाईटेंशन तारें कम ऊंचाई पर हों या रास्ते में जोखिम पैदा कर रही हों, वहां संबंधित बिजली विभाग से समन्वय करना आवश्यक है। जरूरत पड़ने पर ऐसे मार्गों से झंडे और ऊंची वस्तुएं लेकर गुजरने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, आयोजन के दौरान जिम्मेदार लोगों की तैनाती, सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था और
बिजली
से जुड़े खतरों के प्रति जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। किसी भी हादसे को रोकने के लिए पहले से की गई सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पानीपत में हुआ यह हादसा धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान देने की जरूरत को सामने लाता है। जुलूसों और झांकियों में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आयोजकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल से बिजली की तारों के कारण होने वाले जोखिम को कम किया जा सकता है।
हालांकि, घटना की परिस्थितियों, बिजली आपूर्ति बंद किए जाने और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही इन पहलुओं पर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
पानीपत के हरि सिंह चौक पर मंगलवार देर रात हुई इस घटना में 15 वर्षीय गौरव की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। यह हादसा याद दिलाता है कि धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। समय रहते जोखिम की पहचान और उचित इंतजाम किए जाएं, तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
Next Story