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Sirsa सिरसा में मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर किसान संगठनों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने धान की खरीद, तौल और नमी की जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि किसानों को धान का सरकारी खरीद मूल्य, यानी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। यह विरोध प्रदर्शन 'संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा' और 'किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा हरियाणा' द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें कई किसान संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें बीकेयू टिकैत, एआईकेएस 1936, हरियाणा किसान मंच, बीकेयू एकता उग्राहां, पगड़ी संभाल जट्टा और राष्ट्रीय किसान मंच शामिल थे। डॉ. सुखदेव सिंह जम्मू ने आरोप लगाया कि किसानों को अपना धान सरकारी दर से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि सरकारी खरीद एजेंसियां समय पर मंडियों में नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से निजी खरीदार किसानों की उपज को कम दाम पर खरीद रहे हैं।
जम्मू ने नमी की जांच और तौल में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर डिजिटल डेटा एंट्री और प्रति एकड़ पैदावार के आधार पर खरीद की पाबंदियों के कारण किसानों को बेवजह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यापारियों और कुछ आढ़तियों पर किसानों का फायदा उठाने का आरोप लगाया, जबकि मार्केट कमेटी के अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा के बाहर से आने वाली उपज को रोकने के लिए लागू किया गया पोर्टल सिस्टम स्थानीय किसानों के लिए ही मुसीबत बन गया है। उन्होंने मौसम के हालात का हवाला देते हुए मांग की कि धान में नमी की स्वीकार्य सीमा को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद कि तौल के लिए कंप्यूटराइज्ड कांटों का इस्तेमाल हो, मंडियों में अभी भी अन्य तरीकों से तौल की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सभी मंडियों में सरकारी तौल कांटे ठीक से काम करने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा समय पर खरीद सुनिश्चित की जाए और मंडियों में हो रही कथित गड़बड़ियों को रोका जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों का धान 2,461 रुपये प्रति क्विंटल से कम कीमत पर खरीदा गया है, उन्हें कीमत के इस अंतर की भरपाई (मुआवजा) दी जाए। फतेहाबाद में धान और बाजरा की खरीद को लेकर हंगामा
धान और बाजरा की खरीद में कथित गड़बड़ी, MSP से कम दाम मिलने और फसल उठान में देरी के विरोध में, बुधवार को किसानों ने भट्टू रोड स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करमजीत सिंह सालमखेड़ा ने किया। किसानों ने मांग की कि धान की खरीद पर प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा हटाई जाए, कथित तौर पर की जा रही 4 प्रतिशत की कटौती बंद हो, और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल की खरीद की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए खुले में इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि खरीद से जुड़ी उनकी समस्याएं अभी भी हल नहीं हुई हैं। धान की खरीद में देरी के चलते बुधवार को किसानों ने भुना मार्केट कमेटी कार्यालय को दो घंटे तक बंद रखा। जिला परिषद के CEO सुरेश कुमार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा, जिसके बाद किसानों ने कार्यालय का गेट खोल दिया। व्यापार नेताओं ने खराब इंतजामों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसकी वजह से किसानों को अपनी उपज कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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