
Haryana हरयाणा ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) की फेडरल एग्जीक्यूटिव ने सरकार से एग्रीकल्चर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (डिस्कॉम) बनाने का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, 2025 और बिजली सेक्टर के प्राइवेटाइजेशन (निजीकरण) व बंटवारे की इजाज़त देने वाले किसी भी प्रावधान का विरोध किया है। उन्होंने गुरुग्राम और नूंह में किसी प्राइवेट कंपनी को पैरेलल लाइसेंस देने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है।
AIPEF के मीडिया एडवाइज़र वी.के. गुप्ता ने शुक्रवार को बेंगलुरु में हुई एक मीटिंग में कहा कि फेडरेशन एक ही इलाके में कई डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारियों के खिलाफ है। उन्होंने उन प्रावधानों का भी विरोध किया जो प्राइवेटाइजेशन, खास ग्राहकों को चुनने (चेरी-पिकिंग), पब्लिक यूटिलिटीज को कमजोर करने और पब्लिक एसेट्स को प्राइवेट हाथों में सौंपने को बढ़ावा देते हैं। एक अन्य प्रस्ताव में, उन्होंने किसानों को जल्दी कनेक्शन देने और बिना रुकावट बिजली सप्लाई के लिए एग्रीकल्चर डिस्कॉम बनाने की पॉलिसी पहल का भी विरोध किया।





