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हरियाणा में ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा, बिना पंजीकरण नहीं चलेगी एजेंसी

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 6:47 PM IST
हरियाणा में ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा, बिना पंजीकरण नहीं चलेगी एजेंसी
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चंडीगढ़। हरियाणा में युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले और अवैध तरीके से विदेश भेजने का कारोबार चलाने वाले ट्रैवल एजेंटों पर अब शिकंजा कसेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 'हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026' को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत प्रदेश में ट्रैवल एजेंटों के लिए सरकारी पंजीकरण अनिवार्य होगा। नए और पहले से कारोबार कर रहे सभी एजेंटों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा। सरकार का उद्देश्य विदेश भेजने के नाम पर ठगी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और 'डंकी रूट' जैसे अवैध तरीकों से लोगों को विदेश पहुंचाने की घटनाओं पर रोक लगाना है।
हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने के कई मामले सामने आए हैं। कुछ मामलों में युवाओं को वैध वीजा और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें अवैध रास्तों से दूसरे देशों में भेजने की कोशिश की जाती है।
ऐसे मामलों में युवाओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गिरफ्तारी, निर्वासन और जान का जोखिम भी उठाना पड़ सकता है। इसी समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने ट्रैवल एजेंटों के कारोबार को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाया है।
अब बिना पंजीकरण नहीं कर सकेंगे कारोबार
नए नियमों के तहत हरियाणा में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वाले सभी व्यक्तियों और एजेंसियों को सरकारी पंजीकरण कराना होगा।यह व्यवस्था केवल नई एजेंसियों पर ही लागू नहीं होगी, बल्कि पहले से संचालित ट्रैवल एजेंसियों को भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेश यात्रा, पासपोर्ट, वीजा और संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाले एजेंटों की पहचान और कारोबार का विवरण प्रशासन के पास उपलब्ध रहे।इसके जरिए फर्जी एजेंटों और अनधिकृत संस्थाओं की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।हालांकि, मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद नियमों की औपचारिक अधिसूचना और उनके क्रियान्वयन से संबंधित निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
हर शाखा के लिए अलग रजिस्ट्रेशन जरूरी
नए नियमों की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था यह है कि ट्रैवल एजेंसी की प्रत्येक शाखा और कार्यालय के लिए अलग पंजीकरण आवश्यक होगा।यदि कोई एजेंसी एक जिले में पंजीकृत है और दूसरे जिले में नया कार्यालय खोलती है, तो उस कार्यालय के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा।इसके अलावा अलग-अलग सेवा श्रेणियों के लिए भी पंजीकरण की व्यवस्था होगी।इनमें पासपोर्ट संबंधी सेवाएं, टूर एंड ट्रैवल एजेंसी, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।इससे प्रशासन को यह जानकारी मिल सकेगी कि कौन-सी एजेंसी किस प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रही है।तीन साल तक वैध रहेगा पंजीकरण प्रमाणपत्रसरकार द्वारा मंजूर नियमों के अनुसार, पंजीकरण आवेदन की जांच और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।पुलिस सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद सक्षम अधिकारी को 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करना होगा।
जारी किया गया प्रमाणपत्र तीन वर्षों तक वैध रहेगा।
इस व्यवस्था से ट्रैवल एजेंटों के कारोबार में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही निर्धारित अवधि के बाद पंजीकरण के नवीनीकरण की प्रक्रिया के जरिए एजेंसियों की जानकारी अद्यतन रखी जा सकेगी।अंत्योदय सरल पोर्टल पर मिलेगी जानकारीहरियाणा सरकार ने पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की है।इसके तहत पंजीकृत एजेंटों की जिलेवार सूची और पंजीकरण प्रमाणपत्र अंत्योदय सरल पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।इसके अलावा गृह विभाग और पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी पंजीकरण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।इससे विदेश जाने के इच्छुक लोग किसी ट्रैवल एजेंसी की वैधता की जांच कर सकेंगे।सरकार का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार लोग एजेंट की विश्वसनीयता की जांच किए बिना बड़ी रकम का भुगतान कर देते हैं।
बिना पंजीकरण कारोबार करने पर सजा का प्रावधान
हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2025 में बिना पंजीकरण एजेंसी संचालित करने पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।अधिनियम के अनुसार, बिना पंजीकरण ट्रैवल एजेंट का कारोबार करने पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कम से कम दो साल और अधिकतम सात साल तक की कैद हो सकती है।इसके अतिरिक्त दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान है।मानव तस्करी और जाली दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर अपराधों के लिए सात से दस साल तक की कैद तथा जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाने पर रद्द हो सकता है पंजीकरण
कानून में ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण को रद्द करने की भी व्यवस्था है।यदि कोई पंजीकृत एजेंट मानव तस्करी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने या अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन करने या गलत जानकारी देकर प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।हालांकि, पंजीकरण रद्द करने से पहले संबंधित एजेंट को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की व्यवस्था भी कानून में शामिल है।
शिकायतों के समाधान के लिए लोकपाल की व्यवस्था
ट्रैवल एजेंटों की धोखाधड़ी से प्रभावित लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कानून में लोकपाल की व्यवस्था की गई है।हरियाणा सरकार ने जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को शिकायतों की सुनवाई के लिए लोकपाल की जिम्मेदारी सौंपी है।वहीं, संबंधित जिलों के उपायुक्तों को ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण के लिए सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है।
यदि कोई व्यक्ति ट्रैवल एजेंट की सेवाओं से संबंधित धोखाधड़ी या अन्य शिकायत दर्ज कराता है, तो लोकपाल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामले पर विचार कर सकता है।आवश्यकता पड़ने पर मामला पुलिस को भी भेजा जा सकता है।डंकी रूट से विदेश भेजने वालों पर नजर
हरियाणा के कई युवाओं के विदेश जाने के प्रयासों के दौरान अवैध प्रवासन के मामले सामने आए हैं।'डंकी रूट' के नाम से पहचाने जाने वाले अवैध रास्तों से लोगों को कई देशों की सीमाएं पार करवाने की कोशिश की जाती है।ऐसे रास्तों में युवाओं को कठिन परिस्थितियों, गिरफ्तारी और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ सकता है।प्रदेश सरकार का मानना है कि ट्रैवल एजेंटों की पहचान और पंजीकरण की व्यवस्था मजबूत होने से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।हालांकि, विदेश में रोजगार के लिए भर्ती करने वाली एजेंसियों पर केंद्र सरकार के उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के प्रावधान भी लागू होते हैं। वर्ष 2026 में हरियाणा के कानून में संशोधन कर राज्य और केंद्र के कानूनों के बीच जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया था।
विदेश जाने वाले युवाओं के लिए जरूरी सलाह
सरकार ने युवाओं को अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहने की सलाह भी दी है।विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों को किसी एजेंसी को पैसे देने से पहले उसका पंजीकरण और संबंधित दस्तावेज जांचने चाहिए।विदेश में रोजगार के मामलों में केंद्र सरकार के आधिकारिक ई-माइग्रेट पोर्टल पर अधिकृत भर्ती एजेंटों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।किसी भी एजेंट के मौखिक आश्वासन पर बड़ी राशि देने या बिना पढ़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से बचना चाहिए।हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था से ट्रैवल एजेंटों के कारोबार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नियमों की औपचारिक अधिसूचना के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया कितनी तेजी से शुरू होती है और अवैध एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है।
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