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मोरी गेट मंडी में CM रेखा गुप्ता का छापा, 7000 किलो सड़ा खोया बरामद

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 6:36 PM IST
मोरी गेट मंडी में CM रेखा गुप्ता का छापा, 7000 किलो सड़ा खोया बरामद
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नई दिल्ली। दीपावली से पहले राजधानी दिल्ली में मिलावटखोरी के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मोरी गेट स्थित खोया मंडी में छापेमारी कर करीब 6,700 किलोग्राम खराब और दुर्गंधयुक्त खोया जब्त किया। विभाग ने इस सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि यह बाजार में पहुंचकर लोगों की सेहत के लिए खतरा न बन सके। इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर जांचे गए 44 नमूनों में से 35 प्रारंभिक जांच में फेल पाए गए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद मौके पर पहुंचीं और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का निरीक्षण किया।
त्योहारों का मौसम शुरू होते ही राजधानी में मिठाइयों, खोया, पनीर और देसी घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचाने की कोशिश करते हैं। पिछले कुछ समय से दिल्ली सरकार लगातार मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके बावजूद अलग-अलग बाजारों में संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने के मामले सामने आ रहे हैं।
मोरी गेट खोया मंडी में बड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को मोरी गेट की खोया मंडी में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में अस्वच्छ और दुर्गंधयुक्त खोया मिला। विभाग ने लगभग 6,700 किलोग्राम खोया जब्त कर उसे नष्ट करवा दिया।इतनी बड़ी मात्रा में खराब खाद्य सामग्री मिलने से बाजार में बेचे जा रहे दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।अधिकारियों ने जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए। इसके लिए मोबाइल खाद्य परीक्षण सुविधा का इस्तेमाल किया गया, जिससे मौके पर ही शुरुआती जांच की जा सके।
44 में से 35 नमूने जांच में फेल
इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुल 44 निगरानी नमूने लिए। इनकी जांच मोबाइल टेस्टिंग वैन 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' के जरिए की गई।प्रारंभिक जांच में 35 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा दो अन्य नमूने विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।शुरुआती जांच में संदिग्ध खोये में दूध पाउडर, वनस्पति और पदार्थों को बांधने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री से संबंधित संकेत मिले हैं।हालांकि, इन सामग्रियों की मौजूदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। यह भी महत्वपूर्ण है कि दूध पाउडर जैसी किसी सामग्री की मौजूदगी अपने आप में हर परिस्थिति में मिलावट का प्रमाण नहीं होती। इसकी वैधता उत्पाद के निर्धारित मानकों पर निर्भर करती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद संभाला मोर्चा
मोरी गेट की खोया मंडी में चल रही कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से जब्ती, नमूनों की जांच और खराब खाद्य सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने मिलावटखोरी के मामलों में सख्ती बरतने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों को जांच अभियान जारी रखने के निर्देश भी दिए।
अब तक 10,660 किलो खोया नष्ट
दिल्ली सरकार के अनुसार, मोरी गेट की खोया मंडी में यह खाद्य सुरक्षा विभाग का चौथा बड़ा अभियान है।इससे पहले 4 सितंबर को 2,830 किलोग्राम खोया नष्ट किया गया था। इसके बाद 8 सितंबर को 610 किलोग्राम और 23 अक्टूबर को 520 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री नष्ट की गई।अब 3 नवंबर को 6,700 किलोग्राम खोया नष्ट किए जाने के बाद इन कार्रवाइयों में नष्ट की गई कुल मात्रा 10,660 किलोग्राम पहुंच गई है।लगातार इतनी बड़ी मात्रा में खराब खोया मिलने से स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बाजारों में नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
दिल्ली के कई बाजारों में चल रहा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली को देखते हुए राजधानी के विभिन्न इलाकों में जांच अभियान तेज कर दिया है।हाल के दिनों में मिठाई निर्माण इकाइयों, डेयरी उत्पादों की दुकानों, गोदामों और थोक बाजारों की जांच की गई है।अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में निहाल विहार और मोरी गेट में हुई कार्रवाई के दौरान 922 किलोग्राम खराब मिठाइयों और डेयरी उत्पादों को नष्ट किया गया था।निहाल विहार में रसगुल्ला, मिल्क केक और छेना सहित अन्य खाद्य पदार्थ मिले थे। वहीं मोरी गेट में
खराब
खोया और छेना जब्त किया गया था।विभाग ने इन उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भी भेजे थे।
त्योहारों में क्यों बढ़ जाता है मिलावट का खतरा?
दीपावली के दौरान मिठाइयों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। इस समय मिठाई दुकानों को बड़ी मात्रा में खोया, पनीर, दूध और घी की आवश्यकता होती है।मांग बढ़ने के कारण उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग घटिया गुणवत्ता या असुरक्षित परिस्थितियों में तैयार खाद्य पदार्थ बेचने का प्रयास करते हैं।विशेष रूप से खोया और पनीर जैसे दूध से बने उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं। उचित तापमान पर भंडारण नहीं होने या स्वच्छता की अनदेखी करने से इनमें हानिकारक सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं।इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
- मिठाइयां विश्वसनीय और स्वच्छ दुकानों से खरीदें।
- पैक्ड उत्पादों पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि देखें।
- खोया और पनीर की असामान्य गंध या रंग होने पर खरीदने से बचें।
- दूध से बनी मिठाइयों को उचित तापमान पर रखें।
- खरीदारी के समय दुकान की साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत दें।
हालांकि, केवल रंग, स्वाद या गंध देखकर किसी खाद्य पदार्थ की शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक होता है।
त्योहारों के बाद भी जारी रहेगा अभियान
दिल्ली सरकार ने संकेत दिया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दुकानों, गोदामों और खाद्य सामग्री की आपूर्ति से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच जारी रखी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
मोरी गेट में 6,700 किलोग्राम खोया नष्ट किए जाने और 44 में से 35 नमूनों के प्रारंभिक जांच में फेल होने से खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है।
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