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दाखिले के लिए बनाए गए नियमों पर तकरार

Admin Delhi 1
25 March 2023 8:24 AM GMT
दाखिले के लिए बनाए गए नियमों पर तकरार
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फरीदाबाद न्यूज़: सरकार की ओर से स्कूलों में दाखिले के लिए बनाए गए नियमों को लेकर स्कूलों और सरकार के बीच एक बार फिर से तनातनी की स्थिति पैदा हो गई है. एक तरफ जहां किंडरगार्टन और पहली कक्षा में दाखिले को तय की गई न्यूनतम आयु सीमा को लेकर स्कूल और अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं.

वहीं दूसरी ओर दाखिले के दौरान दस्तावेजों की अनिवार्यता को लेकर स्कूल संगठन कोर्ट का रुख कर चुके हैं. स्कूल में दाखिले को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की अनिवार्यता को लेकर इंडियन प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ कोर्ट में जनहित याचिका डाली दी है. संगठन का कहना है कि औद्योगिक नगरी होने के चलते बाहरी राज्यों से आए मजदूरों के बच्चों का पीपीपी नहीं होने के चलते स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा है. एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. विमल पाल, अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता, महासचिव व कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश मदान ने बताया कि स्कूलों को पीपीपी के तहत तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में कोर्ट में याचिका डाली है. उम्मीद है कोर्ट से राहत मिलेगी.

एक साल खराब होने का पैरेंट्स को डर सरकार की ओर से इस साल पहली कक्षा में दाखिले की न्यूनतम आयु सीमा साढ़े पांच साल कर दी गई है. लेकिन फिलहाल कई स्कूल पांच साल की उम्र में ही दाखिले ले रहे हैं. स्कूल संचालकों की मानें तो उम्र के लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं हुआ तो इन छात्रों की जानकारी एमआईएस पर नहीं जा पाएगी. ऐसे में आगे दिक्कत आ सकती है. वहीं दाखिले मान्य भी हो गए तो सत्र 2024 में छह साल की उम्र नहीं होने पर छात्रों का साल खराब हो सकता है.

मआईएस पर पीपीपी अपलोड करना अनिवार्य

सरकार के आदेशानुसार नए दाखिले के लिए प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) पोर्टल पर पीपीपी को अपलोड करना अनिवार्य किया जा चुका है. हरियाणा के स्कूलों में अप्रैल में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा. इस दौरान स्कूलों में नए दाखिले भी होंगे. स्कूल प्रबंधन इस बार नए एडमिशन में पीपीपी को लेकर चिंतित है.चेयरमैन डा. विमल पाल ने बताया कि एमआईएस पोर्टल पर नए छात्रों के पंजीकरण करने के लिए पीपीपी का उपयोग करना होगा. इससे कई छात्र दाखिले से वंचित रह जाएंगे.

एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल इस मामले पर जल्द शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इसमें कोई समाधान नहीं निकला तो एसोसिएशन के बैनतर तले सभी स्कूल संचालका इसका विरोध करेगें. पीपीपी को आनिवार्य करने में कई तकनीकी खामियां आएंगी जिससे छात्र दाखिले से वंचित रह सकते हैं. इसे लेकर फिलहाल याचिका भी डाल दी है.

-डॉ. तरूण अरोड़ा, एडवोकेट, कानूनी सलाहकार, इंडियन प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

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