हरियाणा
गुजरात से 50 हजार करोड़ का निवेश लेकर लौटे CM नायब सैनी
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 11:04 PM IST

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चंडीगढ़। हरियाणा को औद्योगिक निवेश और रोजगार के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य सरकार के अनुसार, इस दौरे में हरियाणा को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। गुजरात के सूरत और गांधीनगर में उद्योगपतियों, निवेशकों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में कई महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान रक्षा उत्पादन, रियल एस्टेट, तेल एवं गैस, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेमीकंडक्टर, संपीड़ित बायोगैस और नागरिक उड्डयन सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं सामने आईं।
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरान हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, बेहतर बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क और कारोबार स्थापित करने की सुविधाओं की जानकारी दी।
गुजरात दौरे से मिले 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में नए उद्योग स्थापित करने और पहले से संचालित औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के लिए निवेश आकर्षित करना था।राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दो दिवसीय दौरे के दौरान 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।इन प्रस्तावों में कई बड़े औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। विशेष रूप से रक्षा, रियल एस्टेट और तेल एवं गैस क्षेत्र में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।इसके अलावा कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 1,400 करोड़ रुपये तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2,900 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पहले दिन 12 हजार करोड़ के समझौतों पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे के पहले दिन सूरत में विभिन्न कंपनियों के साथ लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।इनमें डिफेंस टेक्सटाइल क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये, तकनीकी वस्त्र उद्योग में 2,000 करोड़ रुपये और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये तथा सौर ऊर्जा और कॉस्मेटिक निर्माण के क्षेत्र में कुल 400 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी।मुख्यमंत्री ने कंपनियों के संस्थापकों, प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात कर हरियाणा में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
सेमीकंडक्टर उद्योग में 2,900 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
हरियाणा सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को भी विशेष महत्व दिया है।गुजरात दौरे के दौरान इस क्षेत्र में लगभग 2,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए।सेमीकंडक्टर उद्योग इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, कंप्यूटर और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों के लिए महत्वपूर्ण है।भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।यदि प्रस्तावित परियोजनाएं स्थापित होती हैं, तो हरियाणा में आधुनिक तकनीकी उद्योगों के विस्तार में मदद मिल सकती है।इसके साथ ही इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
गुजरात दौरे में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में लगभग 1,400 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।हरियाणा कृषि उत्पादन के लिहाज से देश के महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। यहां गेहूं, धान, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार से कृषि उत्पादों के भंडारण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।इससे किसानों को नए बाजार उपलब्ध होने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है।हालांकि, प्रस्तावित इकाइयों के स्थान, क्षमता और निर्माण की समयसीमा अभी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
स्वच्छ ऊर्जा और बायोगैस परियोजनाओं पर जोर
हरियाणा सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने पर भी ध्यान दिया है।गुजरात दौरे के दौरान संपीड़ित बायोगैस और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।संपीड़ित बायोगैस का उत्पादन कृषि अवशेष, जैविक कचरे और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से किया जा सकता है।इससे कचरा प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।वहीं, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के माध्यम से कुछ प्रकार के कचरे का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है।ऐसी परियोजनाओं की सफलता तकनीकी व्यवहार्यता, पर्यावरण मानकों और उचित संचालन पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधाओं का भरोसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगपतियों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि राज्य सरकार निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर काम कर रही है।उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए सरकार निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री के अनुसार, उद्योग स्थापित करने से संबंधित अनुमतियों और सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।इसका उद्देश्य उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से बचाना और परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाना है।उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित समयसीमा तय की गई है।
'मेक इन इंडिया' अभियान में हरियाणा की भागीदारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' अभियान में सक्रिय योगदान देना चाहती है।उन्होंने राज्य में औद्योगिक उत्पादन, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और गुजरात दोनों राज्यों की पहचान उद्यमिता और औद्योगिक विकास से जुड़ी रही है।दोनों राज्यों के उद्योगपतियों के बीच सहयोग से नई तकनीक, उत्पादन क्षमता और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।अप्रैल 2027 में होगा हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट
गुजरात दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में प्रस्तावित 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों को हरियाणा की औद्योगिक संभावनाओं से परिचित कराना है।राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति के माध्यम से बड़े निवेश आकर्षित करने की योजना पर काम कर रही है।हरियाणा ने वर्ष 2030-31 तक पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने और 10 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है।हालांकि, ये सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य हैं और इनकी प्राप्ति भविष्य में वास्तविक निवेश तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
निवेश प्रस्तावों से हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।रक्षा उत्पादन, तकनीकी वस्त्र, मशीनरी निर्माण, सेमीकंडक्टर और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योगों में अलग-अलग कौशल वाले कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने पर इंजीनियरिंग, तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पादन, प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो सकता है।इसके अलावा उद्योगों से जुड़े छोटे कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं को भी व्यावसायिक अवसर मिल सकते हैं।हालांकि, इन प्रस्तावों से कितनी वास्तविक नौकरियां पैदा होंगी, इसका स्पष्ट आकलन परियोजनाओं की मंजूरी और स्थापना के बाद ही हो सकेगा।
निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना होगी अगली चुनौती
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे से हरियाणा को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना राज्य की औद्योगिक योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।लेकिन निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना और वास्तविक निवेश का धरातल पर उतरना अलग-अलग चरण हैं।इसके लिए कंपनियों को भूमि, वित्त, पर्यावरण संबंधी अनुमतियां, बुनियादी सुविधाएं और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।राज्य सरकार ने निवेशकों की समस्याओं के समाधान और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
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