Chandigarh: यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी, हरियाणा के कर्मचारी होंगे लाभांवित

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सेवानिवृत्त व सेवारत कर्मचारियों के हित में फैसला लेते हुए प्रदेश में यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू कर दी है। कर्मचारियों को इसका लाभ एक अगस्त से मिलेगा। को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों के संबंध में कई अहम फैसले लिए गए। आज की बैठक में कुल 33 एजेंडे रखे गए थे, जिसमें से 32 को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश के कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम तथा न्यू पेंशन स्कीम में किसी एक का चयन करने का विकल्प दिया गया है। यह योजना केंद्र की तर्ज पर शुरू की गई है। यह पेंशन कर्मचारी की नौकरी के अंतिम 12 महीने की सैलरी के आधार पर तय होगी। इस योजना का लाभ साल 2006 के बाद नौकरी में आए लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि हरियाणा सिविल पेंशन नियमों के संशोधन को मंजूरी दी गई है। ये नियम 19 जुलाई 2016 से प्रभावी माने जाएंगे। सेवानिवृत्ति के समय सरकारी कर्मचारी द्वारा क्मयूट की गई पेंशन की राशि को सेवानिवृत्ति की तिथि से 15 वर्ष पूर्ण होने पर पुनः बहाल कर दिया जाएगा। इससे पहले 15 साल तक या जब तक ब्याज सहित कम्यूट की गई पेंशन राशि की रिकवरी हो जाए तब तक कटौती का प्रावधान था। यह निर्णय पेंशनर्स की लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप लिया गया है और इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अधिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत भारत सरकार द्वारा अधिसूचित एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को लागू करने का फैसला लिया गया है, जोकि यह योजना 1 अगस्त, 2025 से प्रभावी होगी।
1 जनवरी, 2006 या उसके बाद सरकारी सेवा में आए 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन का लाभ मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन प्रदान करना है। नई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत 25 साल की सेवा पूरी कर चुके राज्य सरकार के कर्मचारी को सेवानिवृत्ति से पहले 12 महीनों के दौरान प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी। 10 या अधिक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद प्रति माह 10,000 रुपये का न्यूनतम गारंटी पेंशन मिलेगी। 1 जनवरी 2006 या उसके बाद सरकारी सेवा में आए 2 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों को इसका लाभ मिला मिलेगा। वहीं मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सम्बद्ध महाविद्यालय नियमों में संशोधन किया गया है। अब सरकारी सहायता प्राप्त निजी प्रबंधित महाविद्यालयों के कर्मचारियों के मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों को भी पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कन्या महाविद्यालय, खरखौदा (सोनीपत) को राज्य सरकार के अधीन करने की मंजूरी दी है। प्रबंधन की लगातार मांग तथा उच्चतर शिक्षा विभाग की पांच सदस्यीय विभागीय समिति की अनुशंसा पर यह निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, राज्य मंत्री राजेश नागर और गौरव गौतम के साथ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित तमाम विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा विस सदस्यों के पेंशन व भत्ते में संशोधन को मंजूरी: मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा विधानसभा (सदस्यों का वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1975 की धारा 7सी में संशोधन को मंजूरी दी गई। यह संशोधन इस अधिनियम के अंतर्गत पेंशन के हकदार व्यक्तियों के लिए विशेष यात्रा भत्ते से संबंधित है। संशोधन में 1,00,000 रुपये की पिछली सीमा को हटा दिया गया है तथा यह प्रावधान किया गया है कि हरियाणा विधान सभा (सदस्यों का वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1975 के अंतर्गत पेंशन के हकदार प्रत्येक व्यक्ति को भारत में कहीं भी स्वयं या उसके परिवार के सदस्यों द्वारा की जाने वाली यात्रा के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का विशेष यात्रा भत्ता मिलना जारी रहेगा।
हरियाणा सेवा का अधिकार नियम, 2014 के नियम 9 में संशोधन को मंजूरी दी: मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सेवा का अधिकार नियम, 2014 के नियम 9 में संशोधन को मंजूरी दी गई। वर्तमान नियम 9 के प्रावधानों के अनुसार, आयोग ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान ले सकता है, जहां नामित अधिकारियों/शिकायत निवारण प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन/अपीलों का निस्तारण नहीं किया गया हो और ऐसे आवेदन/अपीलों के निस्तारण में अनुचित विलंब हो। किसी भी त्रुटि या चूक पाए जाने पर आयोग इस संबंध में उचित आदेश पारित कर सकता है।
ग्रुप सी और डी कर्मचारियों को मिलेगा प्रतिपूरक अवकाश: मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रुप सी और ग्रुप डी के सरकारी नियमित कर्मचारियों के लिए प्रतिपूरक अवकाश प्रदान करने का प्रावधान करने के लिए हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधन के अनुसार ग्रुप सी और ग्रुप डी के नियमित कर्मचारियों को प्रतिपूरक अवकाश प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें एक नया नियम 77ए जोड़ा गया है। इस नियम के तहत कर्मचारी यदि अधिसूचित अवकाश पर आधिकारिक ड्यूटी करते हैं, तो वे प्रतिपूरक अवकाश के हकदार होंगे। यह प्रतिपूरक अवकाश ड्यूटी किए जाने के एक महीने के भीतर लिया जाना चाहिए, अन्यथा यह समाप्त हो जाएगा। यह अवकाश संबंधित छुट्टियों और स्टेशन अवकाश के साथ लिया जा सकता है, हालांकि किसी भी परिस्थिति में कुल अवकाश अवधि 16 दिनों से अधिक नहीं होगी। यदि कोई कर्मचारी एक महीने की अवधि के भीतर प्रतिपूरक अवकाश के लिए आवेदन करता है और स्वीकृति प्राधिकारी अनुरोध को अस्वीकार कर देता है, तो अगले 15 दिनों के भीतर छुट्टी का लाभ उठाया जा सकता है, अन्यथा छुट्टी समाप्त मानी जाएगी। इसके अलावा यदि उसी दिन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया गया है या प्रस्तावित है तो प्रतिपूरक अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा।





