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Chandigarh: सरकार ने आरआरटीएस प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी

Admindelhi1
26 Feb 2026 1:52 AM IST
Chandigarh: सरकार ने आरआरटीएस प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी
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"तेज रफ्तार से जुड़ेगा एनसीआर"

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर को मंजूरी देने का ऐलान किया। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इस घोषणा के साथ ही एनसीआर में तेज, आरामदायक और जाम-फ्री सफर के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि इस परियोजना की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंप दिया गया है। यह रैपिड ट्रेन कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विजन के अनुरूप है, जो आम नागरिक के जीवन को सुविधाजनक, सरल और समय बचाने वाला बनाता है।

सीएम ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए कह दिया गया है। इस परियोजना पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। एनसीआरटीसी डीपीआर में रूट और संभावित स्टेशनों का स्थान भी तय करेग। इसके लिए लगभग 75 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।

नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 64 किलोमीटर होगी, जिसमें से 52 किलोमीटर हिस्सा सिर्फ हरियाणा राज्य में पड़ेगा। यानी यह परियोजना हरियाणा के शहरी ढांचे और कनेक्टिविटी को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। परियोजना पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शुरूआत में 6-कोच वाली 10 हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें प्रति ट्रेन 1928 यात्री सफर कर सकेंगे। यह क्षमता आज मौजूद मेट्रो और बस नेटवर्क से काफी अधिक होगी।

सरकार के अनुमान के मुताबिक गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना करीब एक लाख लोग यात्रा करते हैं। फिलहाल इन रूट्स पर भारी ट्रैफिक, लंबा सफर और प्रदूषण बड़ी समस्या है। नमो भारत आरआरटीएस इन यात्रियों को तेज सफर, कम समय, जाम-फ्री यात्रा, आरामदायक सीटें और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रोजेक्ट का ऐलान करते हुए कहा कि नमो भारत आरआरटीएस सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को जमीन पर उतारने वाली बड़ी परियोजना है। इससे एनसीआर में बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

गुरुग्राम के इफ्को चौक से होगी शुरूआत

परियोजना के अनुसार, कॉरिडोर गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होगा और शहर के प्रमुख बिजनेस और रेजिडेंशियल पॉकेट्स - सेक्टर 29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर 52, सेक्टर 57 व सेक्टर 61 से होकर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन तक इंटरकनेक्ट करेगा। यह हिस्सा गुरुग्राम के हजारों दफ्तर जाने वालों को सीधा फायदा देगा।

फरीदाबाद में कई क्षेत्र होंगे कवर

गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी से आगे कॉरिडोर फरीदाबाद पहुंचेगा और सैनिक कॉलोनी, एनआईटी फरीदाबाद, बाटा चौक, सेक्टर 12-15 और न्यू फरीदाबाद को जोड़ते हुए दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से कनेक्शन देगा। यह लाइन आगे बढ़ते हुए एफएनजी एक्सप्रेसवे (सेक्टर 168), अमृता अस्पताल, और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख स्थानों को जोड़ते हुए सूरजपुर जंक्शन तक पहुंचेगी। सूरजपुर वह जगह होगी जहां से यात्री आगे गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट आरआरटीएस लाइन में इंटरचेंज कर सकेंगे।

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