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Chandigarh: हरियाणा में स्कूल की सुविधाओं पर आयोग सख्त, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

Admindelhi1
12 Aug 2026 8:26 PM IST
Chandigarh: हरियाणा में स्कूल की सुविधाओं पर आयोग सख्त, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्कूल सुविधाओं की स्थिति पर तलब की रिपोर्ट

चंडीगढ़: हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने पानीपत के बापौली ब्लॉक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सनौली खुर्द में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा स्कूल प्रशासन पर लगाए गए कथित दुर्व्यवहार और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

आयोग को भेजी शिकायत में विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। विद्यार्थियों के अनुसार, कक्षा में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और छत से खुले विद्युत तार लटक रहे हैं, जिससे सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। पर्याप्त डेस्क-बेंच और पंखों की कमी के आरोप भी लगाए गए हैं। विद्यार्थियों ने भीषण गर्मी में पंखे चलाने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात भी शिकायत में कही है।

विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत शिकायत पर उनके हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान हैं। शिकायत के साथ विद्यालय परिसर की स्थिति दर्शाने वाले फोटोग्राफ भी संलग्न किए गए हैं। विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य पर कथित रूप से अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार करने, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने तथा स्कूल रोल से नाम काटने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कक्षा 12वीं-बी के विद्यार्थियों को पिछले दो से तीन माह से उनकी निर्धारित कक्षा में बैठने की सुविधा नहीं मिल रही और उन्हें कक्षा के बाहर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

शौचालय सुविधाओं को लेकर लगाए गए आरोपों को आयोग ने विशेष गंभीरता से लिया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार विद्यालय में पर्याप्त एवं कार्यशील शौचालय उपलब्ध नहीं हैं और इसके कारण विशेष रूप से छात्राओं को खुले में शौच करने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। आयोग ने माना कि यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं तो इससे विद्यार्थियों की गरिमा, निजता, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रभावित होने के साथ उनके मूलभूत मानव अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने आदेश में कहा कि शिकायत के साथ प्रस्तुत फोटोग्राफ प्रथमदृष्टया विद्यालय के बुनियादी ढांचे में कमियों और असुरक्षित विद्युत व्यवस्था के संकेत देते हैं। इसलिए आरोपों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सत्यापन जरूरी है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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