Chandigarh: भविष्य की योजनाओं के लिए बनेगा खास विभाग, कैबिनेट ने लगाई मुहर
चंडीगढ़: भविष्य की प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर का गठन किया गया है, जिस पर मंत्रिमंडल की बैठक मंर मंजूरी की मुहर लगी है। इस विभाग की स्थापना का उद्देश्य हरियाणा को "भविष्य-समर्थ" बनाना है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा संस्थागत ढांचा तैयार करना है जो पूर्वदृष्टि-आधारित शासन को प्रोत्साहित करे और सभी प्रशासनिक विभागों के बीच नीतिगत समन्वय को मजबूत बनाए। यह विभाग हरियाणा की "विजन 2047" नीति के अनुरूप एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक पहलों, तकनीकी दृष्टिकोण और समेकित नीति निर्माण का नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। नियमित रूप से हॉराइजन स्कैनिंग, प्रवृत्ति विश्लेषण और परिदृश्य विकास करना, जिससे राज्य की भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों की पहचान की जा सके।
उच्च-मूल्य क्षेत्रों में विविधीकरण को केंद्र में रखते हुए विजन 2047 के तहत व्यापक दीर्घकालिक आर्थिक योजनाओं का निर्माण तथा तकनीक और नवाचार नीतियों का विकास व समन्वय, जिससे उभरती तकनीकों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनाया जा सके। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण सहित शासन के आधुनिकीकरण की पहलों की निगरानी और समन्वय करेगा। साथ ही प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय कर भविष्य—उन्मुख नीतियों एवं पहलापें का कार्यान्वयन करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप मानव पूंजी विकास हेतु एकीकृत ढांचा विकसित करना भी शामिल है। वहीं, विभाग जल, ऊर्जा और कृषि जैसे संसाधनों के लिए सतत प्रबंधन की रणनीति तैयार करेगा और राज्य के भीतर रणनीतिक पहलों की प्रगति का मूल्यांकन करेगा। यह मिशन हरियाणा 2047 का पर्यवेक्षण, जिससे हरियाणा की जीडीपी को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भविष्य विभाग ग्रामीण-शहरी एकीकरण और प्रवासन प्रबंधन योजना भी तैयार करेगा, जिससे सामाजिक व आर्थिक संतुलन कायम किया जा सके।
हरियाणा वित्त आयुक्त कार्यालय राज्य सेवा नियमों में संशोधन: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा वित्त आयुक्त कार्यालय (ग्रुप-ए) राज्य सेवा नियम, 1980 में प्रमुख संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा वित्त आयुक्त कार्यालय (ग्रुप-ए) राज्य सेवा नियम, 1980 में संशोधन किए गए हैं ताकि वित्त आयुक्त कार्यालय, हरियाणा में मंत्री के विशेष वरिष्ठ सचिव, मंत्री के वरिष्ठ सचिव और मंत्री के सचिव के अपग्रेड किए गए पदों के लिए भर्ती की पद्धति, योग्यताएं और अनुभव आवश्यकताओं को मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय में संबंधित पदों के साथ संरेखित (अनुरूप) किया जा सके।
युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर दी जाने वाली नियुक्ति नीति को मंजूरी: मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मूल के युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार की नीति में छूट प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए 30 मई, 2014 की मौजूदा नीति और 27 अगस्त, 2014 को इसके बाद के संशोधन के अनुसार, युद्ध में हताहत हुए सैनिक/अर्ध सैनिक का आश्रित मृतक के पद के आधार पर ग्रुप बी, सी या डी पदों में नियुक्ति के लिए पात्र है, बशर्ते कि नीति के शुरू होने के तीन साल के अंदर- अंदर आवेदन किया हो। हालांकि, राज्य सरकार को युद्ध में हताहत हुए लोगों के कई आश्रितों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे, जो निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर आवेदन नहीं कर सके, जिससे उनके मामले मौजूदा मानदंडों के अनुसार ‘समय-बाधित’ हो गए। सैनिकों के परिवारों के कल्याण और पुनर्वास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने नीति में छूट को मंजूरी दी है।
हरियाणा मंत्रीमंडल ने गुरुद्वारा चुनाव नियमों में संशोधन को दी मंजूरी: मंत्रिमंडल बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (वार्डों का परिसीमन एवं चुनाव) नियम, 2023 के नियम 89 में संशोधन को मंजूरी दी गई। नियम 89 के मौजूदा प्रावधानों के तहत कोई भी पीड़ित व्यक्ति आयुक्त, गुरुद्वारा चुनाव के आदेश को सक्षम न्यायालय में चुनौती दे सकता था। संशोधन के बाद आयुक्त, गुरुद्वारा चुनाव द्वारा इन नियमों के तहत पारित किसी भी आदेश से पीड़ित कोई भी पक्ष ऐसे आदेश पारित होने की तिथि से तीस दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में चुनौती देने के लिए स्वतंत्र होगा।





