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प्रकाश चौक स्थित बंसल इंटरप्राइजेज पर सेंट्रल जीएसटी की रेड

Kavita2
21 Aug 2026 5:09 PM IST
प्रकाश चौक स्थित बंसल इंटरप्राइजेज पर सेंट्रल जीएसटी की रेड
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प्रकाश चौक। प्रकाश चौक स्थित बंसल इंटरप्राइजेज पर वीरवार सुबह सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने छापेमारी की। सुबह करीब पांच बजे पंजाब और चंडीगढ़ नंबर की पांच गाड़ियों में अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने फैक्ट्री परिसर के साथ-साथ संबंधित आवास पर भी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि जीएसटी से जुड़ी संभावित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान विभाग को क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

सुबह-सुबह पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी की टीम सुबह करीब पांच बजे बंसल इंटरप्राइजेज के परिसर में पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी पंजाब और चंडीगढ़ नंबर की पांच गाड़ियों में आए थे। अधिकारियों के पहुंचते ही फैक्ट्री और आवास दोनों जगहों पर जांच शुरू कर दी गई।

सुबह के समय हुई इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्र में भी हलचल मच गई। स्थानीय लोगों को जैसे ही जीएसटी टीम के पहुंचने की जानकारी मिली, मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और परिसर में मौजूद दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की जांच की।

दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल

छापेमारी के दौरान टीम की ओर से कारोबारी गतिविधियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड, बिल और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है।

फिलहाल विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी किस विशेष लेन-देन या किस अवधि के रिकॉर्ड को लेकर की गई है। ऐसे मामलों में जांच के दौरान दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है, जिसके बाद कर देनदारी या किसी संभावित अनियमितता की स्थिति स्पष्ट होती है।

जीएसटी चोरी की आशंका

छापेमारी को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की आशंका के चलते केंद्रीय जीएसटी विभाग ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कंपनी ने वास्तव में कर चोरी की है। जांच पूरी होने और विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारोबारी रिकॉर्ड में किस तरह की गड़बड़ी पाई गई और सरकार को कितना राजस्व प्रभावित होने की आशंका है।

फैक्ट्री के बाहर लगा है नोटिस

जिस फैक्ट्री में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने छापेमारी की, उसके बाहर एक नोटिस भी लगा हुआ है। बताया गया कि यह नोटिस आठ जुलाई को लगाया गया था। नोटिस में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को संबोधित करते हुए कहा गया है कि यूनिट की मशीनों की रिपेयरिंग कराने के लिए फैक्ट्री को बंद किया जा रहा है।

नोटिस में मशीनों की मरम्मत का हवाला देकर यूनिट बंद करने की बात कही गई है। ऐसे में जीएसटी टीम की कार्रवाई के बीच यह नोटिस भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि नोटिस में फैक्ट्री बंद होने की जानकारी दिए जाने के बावजूद परिसर के भीतर सामान का आवागमन जारी रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, फैक्ट्री में गतिविधियां पूरी तरह बंद नजर नहीं आईं।

हालांकि, यह स्थानीय लोगों का दावा है और इसका स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं हुआ है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सामान का आवागमन किस प्रकार का था और क्या वह फैक्ट्री के नियमित उत्पादन या किसी अन्य गतिविधि से जुड़ा था।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

सेंट्रल जीएसटी की छापेमारी के बाद अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि जांच में जीएसटी नियमों के उल्लंघन या कर चोरी से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।

वहीं, यदि रिकॉर्ड में कोई गंभीर अनियमितता नहीं मिलती है, तो कार्रवाई की स्थिति भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

कार्रवाई से कारोबारियों में चर्चा

सेंट्रल जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के कारोबारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। जीएसटी व्यवस्था के तहत कारोबारियों को लेन-देन का सही रिकॉर्ड रखने और समय पर कर का भुगतान करने की जिम्मेदारी होती है। विभाग समय-समय पर संदिग्ध लेन-देन या कर चोरी की आशंका वाले मामलों में जांच और कार्रवाई करता है।

बंसल इंटरप्राइजेज पर हुई यह कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, अभी तक विभाग ने छापेमारी के अंतिम परिणाम, जब्ती या संभावित कर चोरी की राशि को लेकर कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

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