हरियाणा

लिव-इन कपल हत्याकांड में रिश्वत का मामला, ASI गिरफ्तार

Ashish verma
12 Oct 2026 11:49 PM IST
लिव-इन कपल हत्याकांड में रिश्वत का मामला, ASI गिरफ्तार
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रोहतक : सांपला थाना क्षेत्र के हसनगढ़ में लिव-इन कपल संदीप और कविता की हत्या के मामले की जांच कर रहे एएसआई दीनबंधू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की झज्जर टीम ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। आरोप है कि जांच अधिकारी ने हत्याकांड के आरोपितों को राहत देने और उनके साथ मारपीट नहीं करने के बदले रकम ली। शिकायत में यह भी बताया गया है कि वह इससे पहले 40 हजार रुपये ले चुका था।
इस मामले में गांव हसनगढ़ के निवासी सुभाष चंद्र ने एसीबी से शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। सुभाष चंद्र की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई की तैयारी की। इसके बाद एएसआई को 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। उपलब्ध विवरण में शिकायतकर्ता का हत्याकांड के आरोपितों से संबंध स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए उन्हें किसी आरोपित का परिजन या रिश्तेदार बताना उचित नहीं होगा।
एएसआई दीनबंधू संदीप और कविता की हत्या के मामले में जांच अधिकारी था। इसी जिम्मेदारी के दौरान उस पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, रकम आरोपितों को राहत देने और मारपीट नहीं करने के लिए मांगी गई थी। यहां राहत से आशय किस प्रकार की मदद से था, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपितों को मुकदमे से बाहर करने, धाराएं हटाने या किसी निश्चित कानूनी लाभ का वादा किए जाने की बात नहीं जोड़ी जा सकती।
शिकायत में पहले 40 हजार रुपये दिए जाने का आरोप भी शामिल है। इसके बाद 10 हजार रुपये की रकम लेते हुए एएसआई की गिरफ्तारी हुई। दोनों रकम मिलाकर आरोपित भुगतान का आंकड़ा 50 हजार रुपये होता है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान पकड़े गए भुगतान और पहले की रकम के आरोप को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तारी की बात है, जबकि पहले 40 हजार रुपये लेने का विवरण शिकायत के आधार पर सामने आया है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की झज्जर टीम ने शिकायत के बाद जाल बिछाया। इसी कार्रवाई में जांच अधिकारी को पकड़ा गया। हालांकि, गिरफ्तारी किस स्थान पर हुई और रकम देते समय वहां कौन-कौन मौजूद था, इसका विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए कार्रवाई के घटनास्थल या उसके तरीके के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं जोड़ी गई है। सामने आए तथ्यों के अनुसार, ब्यूरो ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एएसआई को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
रिश्वत का आरोप हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे आरोपितों के साथ व्यवहार से भी जुड़ा है। शिकायत में मारपीट नहीं करने के बदले पैसे लेने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में वास्तव में मारपीट किए जाने की किसी घटना का अलग उल्लेख नहीं है। इसलिए इस आरोप को किसी पुष्ट पिटाई की घटना के समान नहीं माना जा सकता। फिलहाल जानकारी यह है कि शिकायतकर्ता ने आरोपितों को राहत देने और मारपीट नहीं करने के लिए रकम लेने का आरोप लगाया था।
संदीप और कविता की हत्या का मामला सांपला थाना क्षेत्र के हसनगढ़ से संबंधित है। दोनों को लिव-इन कपल बताया गया है। लेकिन हत्या कब हुई, उसके कारण क्या थे और मामले में कितने लोग आरोपित हैं, इसका विस्तृत विवरण दिए गए मैटर में नहीं है। इसलिए मूल हत्याकांड की परिस्थितियों के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ताजा घटनाक्रम उस मामले के जांच अधिकारी पर रिश्वत लेने के आरोप और एसीबी की गिरफ्तारी से जुड़ा है।
इस कार्रवाई में जांच अधिकारी की भूमिका विशेष रूप से सामने आई है। दीनबंधू को जिस मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी के आरोपितों को राहत देने के बदले रकम लेने का आरोप लगा। हालांकि, गिरफ्तारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि हत्या के मामले की पूरी जांच प्रभावित हो चुकी थी। उपलब्ध जानकारी में जांच के रिकॉर्ड, किसी बदलाव या आरोपितों को वास्तव में मिले लाभ का विवरण नहीं है। इन विषयों पर आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट होगी।
एएसआई को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसकी ओर से कोई बयान उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। उसके खिलाफ दर्ज प्रकरण की धाराएं, अदालत में पेशी या विभागीय कार्रवाई का ब्योरा भी नहीं दिया गया है। इसलिए निलंबन या किसी सजा की घोषणा का दावा नहीं किया जा सकता। फिलहाल ब्यूरो की कार्रवाई और रिश्वत लेते गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है। पहले 40 हजार रुपये लेने के आरोप की जांच से संबंधित जानकारी भी अलग से स्पष्ट होनी बाकी है।
हसनगढ़ निवासी किसान सुभाष चंद्र की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में संदीप-कविता हत्याकांड के जांच अधिकारी को पकड़ा गया है। एसीबी की झज्जर टीम ने एएसआई दीनबंधू को 10 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने आरोपितों को राहत देने और मारपीट नहीं करने के बदले रकम ली तथा इससे पहले भी 40 हजार रुपये प्राप्त किए थे। अब शिकायत, पहले के भुगतान और जांच अधिकारी की कथित भूमिका से जुड़े आगे के विवरण सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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