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भजनलाल चंद्रमोहन मानहानि मामला, विशेष कोर्ट में ही चलेगा केस

Saba Naaz
21 July 2026 3:24 PM IST
भजनलाल चंद्रमोहन मानहानि मामला, विशेष कोर्ट में ही चलेगा केस
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पंचकूला। राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन से जुड़े मानहानि मामले में अदालत से राहत नहीं मिली है। पंचकूला की न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिधा गुप्ता की अदालत ने केस को विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई उसी अदालत में जारी रहेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की है।

मामला कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा हुआ है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पंचकूला विधायक चंद्रमोहन की ओर से इस मामले में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सांसद रेखा शर्मा द्वारा सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा है।

सुनवाई के दौरान सांसद रेखा शर्मा की ओर से अदालत में आवेदन दिया गया था कि इस आपराधिक मानहानि मामले को सांसद-विधायक मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष एमपी/एमएलए अदालत में स्थानांतरित किया जाए। उनकी ओर से मामले की सुनवाई विशेष अदालत में कराने की मांग की गई थी।

वहीं, चंद्रमोहन की ओर से पेश अधिवक्ता दीपांशु बंसल ने इस आवेदन का विरोध किया। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी कि यह याचिका कानूनी आधार पर उचित नहीं है और इसे केवल मामले की प्रक्रिया को लंबा खींचने के उद्देश्य से दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान अदालत में मामले की सुनवाई पूरी तरह से कानून के अनुसार चल रही है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिधा गुप्ता ने सांसद रेखा शर्मा की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई मौजूदा अदालत में ही आगे बढ़ेगी।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब चंद्रमोहन ने आरोप लगाया था कि रेखा शर्मा की टिप्पणियां पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थीं। इसके बाद उन्होंने अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दाखिल की थी।

मामले में इससे पहले भी कई बार सुनवाई हो चुकी है। अदालत में दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर चुके हैं। अब ट्रांसफर याचिका खारिज होने के बाद मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अदालत के फैसले के बाद 30 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उस दिन मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य कानूनी प्रक्रिया पर सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि केस की सुनवाई वर्तमान न्यायालय में ही जारी रहेगी।

मानहानि जैसे मामलों में अदालत यह देखती है कि लगाए गए आरोपों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर क्या शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को वास्तव में नुकसान पहुंचा है। अब आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेज और दलीलें मामले की दिशा तय करेंगे।

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