हरियाणा

Ambala ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर ट्रैक डबल करने की आवश्यकता

Kiran
23 Nov 2025 10:30 AM IST
Ambala ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर ट्रैक डबल करने की आवश्यकता
x
Ambala अंबाला: डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) की अंबाला यूनिट के तहत पंजाब के साहनेवाल और उत्तर प्रदेश के न्यू खुर्जा के बीच लगभग 400 किलोमीटर ट्रैक को डबल करने के लिए एक फिजिबलिटी स्टडी शुरू की है। पीक ऑपरेशनल महीनों के दौरान इस सेक्शन की पूरी क्षमता के करीब होने के साथ, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सिंगल-लाइन बारिश को डबल करना जरूरी है।
जिले में कॉरिडोर पर पांच मंजिल में से किसी भी स्टेशन को ऑपरेशन स्टेशन नहीं बनाया गया है। किसी स्टेशन को जीएससीटी (गति शक्ति कार्गो टर्मिनल) की सौगात नहीं मिलने से माल की आवक एवं निर्यात करने की राह साफ नहीं हो पाई। पूरे ट्रैक के 2850 किमी रूट पर सिर्फ खुर्जा से साहनेवाल तक सिंगल रूट है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ई-डीआरसी ने सुपुर्दगी में लिया है। रेलवे से गजट नोटिफिकेशन विभाग ने विधिवत रूप रखरखाव एवं संचालन करना शुरू दिया।
देश में अव्वल रही अंबाला यूनिट, मिला अवार्ड
डीआरसी की देशभर की 10 यूनिटों में अंबाला यूनिट सर्वश्रेष्ठ घोषित की गई। मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में खुर्जा से साहनेवाल तक 400 किमी के दायरे में काॅरिडोर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए अंबाला यूनिट को प्रथम स्थान प्राप्त होना गौरव की बात है। दिल्ली के भारत मंडपम हॉल में एमडी प्रवीण कुमार ने टीम सहित उन्हें ओवरऑल एफिशिएंशी शील्ड से सम्मानित किया। जांच कमेटी ने खुर्जा से साहनेवाल सिंगल ट्रैक पर मालगाड़ियों के निर्माण रूप से संचालन को कामकाज है।
अधर में कार्गो टर्मिनल स्टेशन का प्रस्ताव
फ्रेट कॉरिडोर पर जिले की सीमा में बने रास्तों में से न्यू मंसूरपुर को जीएससीटी (गति शक्ति कार्गो टर्मिनल) की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इसी वजह से जिले के उत्पाद दूरस्थ प्रांतों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। अंबाला यूनिट के सीजीएम पंकज गुप्ता ने बताया कि यूनिट में मेरठ जिले के नए मोहिउद्दीनपुर का प्रस्ताव पारित हुआ था लेकिन कंपनी को भूमि अधिग्रहण करने में समस्या आने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।
मालगाड़ी को जाम कर देंगे बफर स्टाॅप
पहले भारतीय रेल में लूप लाइन की स्पीड 30 किमी थी। नए ट्रैक पर माल गाड़ियों की गति 50 किमी कर दी गई है। ब्रेक फेल होने या सिग्नल सूट होने की स्थिति में अत्याधुनिक तकनीक के बफर स्टाॅप मालगाड़ी को जाम कर देंगे। पिलखनी से साहनेवाल तक बने ज्यादातर सड़कों पर बफर स्टाॅप लग चुके हैं। वहीं, एलएंडटी कंपनी डीजेएम रमन चौधरी ने बताया कि खुर्जा से पिलखनी तक सड़कों पर बफर स्टॉप लगाने का काम उनकी कंपनी तेजी से कर रही है।
Next Story