
फरीदाबाद न्यूज़: शहर के बदहाल पार्कों की सुध नहीं ली जा रही है. निगम की तरफ से बीते तीन साल में करीब 20 करोड़ रुपये पार्कों के रखरखाव को लेकर खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद शहर में 300 पार्क जर्जर हो चुके हैं. पार्कों के रखरखाव के लिए हर करीब छह से सात करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.
शहर के सेक्टर व कॉलोनियों में विकसित 40 फीसदी पार्कों में कहीं ग्रिल टूटी हुई है तो कहीं पर बच्चों के लिए लगे झूले तक गायब हैं. इन पार्कों के रखरखाव का जिम्मा आरडब्ल्यूए को दिया हुआ है तो कुछ पार्कों का जहां आरडब्ल्यूए नहीं हैं, वहां निगम खुद रखरखाव कर रहा है.
सैर नहीं कर पा रहे लोग एक अप्रैल 2020 से लेकर अब तक निगम ने चारों जोन के सभी पार्कों के रखरखाव के लिए 20 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया है, लेकिन पार्कों की कोई सुध नहीं ले रहा है. इस कारण स्थानीय लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
गुरुग्राम में हाईवे किनारे बने सिल्वर जुबली पार्क की हालात ऐसी है कि पार्क में दिन के समय में जाने पर भी लोगों को डर लगता है. आरोप है कि निगम अधिकारियों की लापरवाही से पार्क की हालात काफी खस्ता है.
पार्क में रखरखाव के नाम पर कुछ भी नहीं है. रात के समय में यह पूरा शराबियों का अड्डा बन जाता है.





