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गुजरात की मांजलपुर सीट पर आज फैसला, BJP के गढ़ में कांग्रेस की अग्निपरीक्षा

Gulabi Jagat
3 Aug 2026 7:47 AM IST
गुजरात की मांजलपुर सीट पर आज फैसला, BJP के गढ़ में कांग्रेस की अग्निपरीक्षा
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अहमदाबाद। गुजरात की राजनीति में अहम मानी जा रही वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव का परिणाम आज घोषित किया जाएगा। गुजरात बीजेपी का मजबूत गढ़ माने जाने वाले वडोदरा में यह सीट लंबे समय से बीजेपी के कब्जे में रही है। कांग्रेस पिछले कई दशकों से इस क्षेत्र में बीजेपी को चुनौती देने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई है। ऐसे में मांजलपुर उपचुनाव का परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मांजलपुर विधानसभा सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सबसे बुजुर्ग विधायकों में शामिल रहे योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई थी। इसी कारण यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी। बीजेपी ने इस सीट पर पाटीदार समुदाय से आने वाले सतीश पटेल को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भीखाभाई रबारी को चुनाव मैदान में उतारा।

मांजलपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इसी दिन बिहार की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव के लिए वोट डाले गए थे। अब सभी की नजरें मतगणना के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

मांजलपुर विधानसभा सीट साल 2008 के बाद अस्तित्व में आई थी। इसके बाद बीजेपी के नेता योगेश पटेल ने रावपुरा सीट छोड़कर मांजलपुर से चुनाव लड़ना शुरू किया था। उन्होंने इस सीट पर लगातार तीन बार जीत दर्ज की। साल 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में योगेश पटेल ने बीजेपी का परचम लहराया।

2022 के विधानसभा चुनाव में योगेश पटेल ने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें 1,20,133 वोट मिले थे और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 1,00,754 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। उस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था। कांग्रेस उम्मीदवार तश्वीन सिंह को केवल 19,379 वोट मिले थे।

हालांकि इस बार उपचुनाव में कम मतदान ने बीजेपी की चिंता जरूर बढ़ाई है। जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में मांजलपुर सीट पर 60.15 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं उपचुनाव में केवल 37.5 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कम वोटिंग प्रतिशत को लेकर राजनीतिक दल अलग-अलग दावे कर रहे हैं। बीजेपी जहां इसे सामान्य प्रक्रिया बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत मान रही है।

मांजलपुर सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल और कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी के बीच माना जा रहा है। सतीश पटेल वडोदरा नगर निगम के पूर्व पार्षद रह चुके हैं, जबकि भीखाभाई रबारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं। दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र के विकास, स्थानीय मुद्दों और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

मतगणना की प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू होगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। शुरुआती रुझान आने के बाद तस्वीर साफ होने लगेगी कि बीजेपी अपने मजबूत किले को बचाने में सफल रहती है या कांग्रेस कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर करने में कामयाब होती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मांजलपुर सीट पर बीजेपी का पलड़ा अब तक मजबूत माना जा रहा है, लेकिन उपचुनाव में कम मतदान और स्थानीय मुद्दों के कारण मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। अगर कांग्रेस इस सीट पर बीजेपी को कड़ी टक्कर देती है तो यह पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त साबित हो सकती है। वहीं, बीजेपी की जीत गुजरात में उसके मजबूत जनाधार को एक बार फिर साबित करेगी।

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