गिर सोमनाथ में ST बस का टायर फटा, दो बुजुर्ग यात्री घायल, पढ़ें पूरा मामला

Gir Somnath। गिर सोमनाथ जिले के गिर गढ़ाड़ा तालुका क्षेत्र में राज्य परिवहन निगम (ST) की बस में हुए हादसे ने यात्रियों की सुरक्षा और बसों के रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊना से तुलसीश्याम जा रही वेरावल-तुलसीश्याम एसटी बस का अगला टायर अचानक फट गया, जिससे बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो बुजुर्ग यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, यह घटना गिर गढ़ाड़ा तालुका के जसधार चेकपोस्ट के पास हुई। बताया जा रहा है कि एसटी बस ऊना से यात्रियों को लेकर तुलसीश्याम की ओर जा रही थी। इसी दौरान चालक की तरफ का अगला टायर तेज आवाज के साथ फट गया। अचानक हुए धमाके से चालक का नियंत्रण प्रभावित हुआ और बस में बैठे यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
हादसे में कोडिनार निवासी 60 वर्षीय जेठाभाई वीरभाई चुडासमा और 60 वर्षीय पिताभाई गंगाभाई परमार घायल हो गए। दोनों बुजुर्ग तुलसीश्याम स्थित श्यामसुंदर भगवान के दर्शन के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टायर फटने के बाद लगे तेज झटके के कारण दोनों यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, खासकर उनके पैरों में चोट पहुंची।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मदद शुरू की। इसके बाद आपातकालीन सेवा 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया। एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को ऊना सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालत को देखते हुए दोनों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
यात्रियों ने उठाए रखरखाव पर सवाल
हादसे के बाद यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना है कि राज्य परिवहन की बसों को सुरक्षित और भरोसेमंद यातायात साधन माना जाता है, लेकिन समय-समय पर बसों में तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि कई रूटों पर चलने वाली बसों की नियमित जांच और रखरखाव व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर चलती बस का टायर अचानक कैसे फट गया। क्या टायर की पहले से जांच की गई थी? क्या बस की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच हुई थी? लोगों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर हादसे के कारणों का पता लगाया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की फिटनेस जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि तुलसीश्याम और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सभी एसटी बसों की तत्काल फिटनेस जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, बसों के टायर, ब्रेक सिस्टम, इंजन और अन्य तकनीकी हिस्सों की समय-समय पर जांच जरूरी होती है। खासकर लंबी दूरी और ग्रामीण इलाकों में चलने वाली बसों में रखरखाव की नियमित प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाती है।
फिलहाल हादसे के बाद परिवहन विभाग की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
यात्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल जांच ही नहीं, बल्कि नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।





