गुजरात

Surendranagar में बारिश का कहर, 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

Gulabi Jagat
26 July 2026 7:20 PM IST
Surendranagar में बारिश का कहर, 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा
x

Surendranagar, सुरेंद्रनगर। गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में भारी बारिश के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। बारिश थमने के बावजूद जिले के कई इलाकों में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित दासदा, लखतर और लिंबड़ी तालुका हुए हैं, जहां जलभराव और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूट गया है।

लगातार बारिश के कारण नलकांठा क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया है। दासदा क्षेत्र से बहकर आया पानी लखतर और आसपास के गांवों की ओर पहुंच गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में हालात बिगड़ गए। आरएमबी विभाग की ओर से प्रभावित सड़कों की मरम्मत और संपर्क बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है। लखतर तालुका के भास्करपारा गांव में बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। यहां 10 से अधिक मकान ढह गए हैं, जबकि कई घरों की दीवारें, छत और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लगातार बारिश और जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण मिट्टी के बने मकान कमजोर होकर गिर गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी है।

प्रभावित गांवों में लखतर तालुका के भास्करपारा, ज्योतिपारा, इधु काडु कलम, डेरवाला, हेबतपुर, वधवान तालुका के कोठारिया, देदादरा, मेमका और लिंबड़ी तालुका के नानी काठेची, मोती काठेची, रानागढ़, गडथल समेत कई गांव शामिल हैं। इन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात के कारण खेतों में पानी भर गया है और जमीन दलदल में बदल गई है।

बारिश से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण तिल, कपास, मूंगफली और अरंडी जैसी फसलें खराब हो गई हैं। किसानों का कहना है कि महंगे बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी पर खर्च करने के बाद अब पूरी फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। लखतर तालुका के किसान राणा हरदेव सिंह ने बताया कि नलकांठा क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में करीब 10 हजार एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि पानी में डूब गई है।

भास्करपारा गांव की सरपंच के पति किरित पटेल ने बताया कि गांव में 10 से ज्यादा मकान पूरी तरह गिर चुके हैं और कई घरों का घरेलू सामान नष्ट हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं सुरेंद्रनगर कलेक्टर गुणवतसिंह सोलंकी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। पाटड़ी, दासदा, लखतर और लिंबड़ी तालुका में प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। सड़क मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, जिन गांवों का संपर्क पुलों के डूबने के कारण बाधित हुआ है, वहां ट्रैक्टरों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीजीवीसीएल की टीमों को भी सतर्क किया गया है।

ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का आकलन करें और जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराएं, ताकि बारिश से प्रभावित परिवारों और किसानों को मदद मिल सके।

Next Story