
भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले में बुधवार को नकली शराब पीने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर नकली इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन लोगों की मौत हो गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नकली शराब पीने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया है। अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई करने वालों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब पीने के बाद कई लोगों की अचानक तबीयत खराब हुई। कुछ लोगों को उल्टी, चक्कर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
प्रशासन ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित लोगों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
नकली शराब की घटनाएं अक्सर गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध तरीके से तैयार की गई शराब में जहरीले रसायन मिल सकते हैं, जो शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं और कई बार मौत का कारण बन जाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध शराब का सेवन न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
गुजरात में शराबबंदी लागू है, ऐसे में अवैध शराब की बिक्री और सेवन के मामले प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने रहते हैं। पुलिस समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाती है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आते हैं।
भावनगर की घटना के बाद प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।





