जामनगर में Prakash Ambedkar का दौरा, बाबासाहेब की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

Jamnagar: जामनगर में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के पोते और प्रख्यात सामाजिक-राजनीतिक नेता प्रकाश अंबेडकर के आगमन पर स्थानीय स्तर पर उत्साह और गर्मजोशी का माहौल देखने को मिला। आज उनके जामनगर पहुंचने पर हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवाओं और समुदाय के लोगों ने उनका अभिनंदन किया। उनके आगमन को लेकर शहर में विशेष उत्साह का वातावरण बना रहा और जगह-जगह उनके स्वागत की तैयारियां की गई थीं।
हवाई अड्डे पर स्वागत के बाद प्रकाश अंबेडकर सीधे जामनगर के ऐतिहासिक लाल बंगला क्षेत्र पहुंचे। वहां उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने “बाबासाहेब अमर रहें” और सामाजिक एकता से जुड़े नारे लगाए। कार्यक्रम स्थल पर दलित समुदाय के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, स्थानीय नेता, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
लाल बंगला क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय अनुसूचित जाति समुदाय में विशेष उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोग अपने नेता के स्वागत और उनके विचार सुनने के लिए पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रकाश अंबेडकर ने उपस्थित लोगों का अभिवादन किया और संक्षिप्त रूप से सामाजिक मुद्दों, संवैधानिक अधिकारों और जागरूकता पर चर्चा की। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को संगठित होकर सामाजिक न्याय और अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने पारंपरिक तरीके से नेता का स्वागत किया और कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कहा कि प्रकाश अंबेडकर का यह दौरा उनके लिए प्रेरणादायक है और इससे समाज में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी और समाज में एकता, शिक्षा और अधिकारों की जागरूकता पर जोर दिया। युवाओं में भी इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा गया। लोगों ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना और सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
अपने जामनगर प्रवास के दौरान प्रकाश अंबेडकर ने विभिन्न सामाजिक गतिविधियों और बैठकों में भी भाग लिया। उन्होंने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र की समस्याओं को समझा। उनके इस दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी देखने को मिली।
अपने संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण प्रवास के बाद प्रकाश अंबेडकर आगे देवभूमि द्वारका जिले के मिथापुर के लिए रवाना हो गए, जहां वे एक बड़े दलित महासम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। उनके इस दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है और आयोजकों ने व्यापक तैयारियां की हैं।





