गुजरात
पानी और फसल के मुद्दे पर गरमाई सियासत खरगे ने साधा निशाना
Ratna Netam
12 Sept 2026 8:49 PM IST

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नई दिल्ली/अहमदाबाद। कांग्रेस अध्यक्ष **मल्लिकार्जुन खरगे** ने गुजरात में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में विकास के दावों के बीच आम लोगों और किसानों की समस्याएं बनी हुई हैं। खरगे ने कहा कि राज्य में “झूठ का प्रोपेगेंडा” चलाया जा रहा है, जबकि कई इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल और किसानों को खेती से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है जब गुजरात की राजनीति में विकास मॉडल, किसानों की स्थिति, रोजगार और जन सुविधाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल प्रचार से जनता की वास्तविक समस्याएं खत्म नहीं होतीं।
खरगे ने भाजपा सरकार पर लगाए आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में जमीनी स्तर पर लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
खरगे ने विशेष रूप से पेयजल और किसानों के मुद्दे उठाते हुए कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
हालांकि भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का हवाला दिया जाता रहा है।
गुजरात मॉडल पर सियासी बहस
गुजरात का विकास मॉडल लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है।
भाजपा गुजरात को औद्योगिक विकास, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के उदाहरण के रूप में पेश करती रही है।
वहीं विपक्ष का आरोप है कि विकास के आंकड़ों के पीछे आम लोगों की समस्याएं छिपाई जा रही हैं।
कांग्रेस लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि विकास का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला
खरगे ने किसानों की स्थिति को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े लोगों को लागत, सिंचाई, फसल की कीमत और बाजार जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कांग्रेस का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं भाजपा सरकार का दावा है कि किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पानी की समस्या पर उठाए सवाल
गुजरात के कई क्षेत्रों में पानी को लेकर समय-समय पर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं।
खरगे ने इसी मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि विकास का सही अर्थ तभी है जब लोगों को पीने का साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें।
कांग्रेस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
भाजपा का विकास दावा
भाजपा लंबे समय से गुजरात में अपनी सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता से पेश करती रही है।
पार्टी का कहना है कि राज्य में सड़क, बिजली, उद्योग, निवेश और डिजिटल सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ा काम हुआ है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से विकास कार्यों पर सवाल उठाता है।
सत्तारूढ़ दल का दावा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
गुजरात को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी रहती है।
कांग्रेस जहां सरकार की कमियों को उजागर करने की कोशिश करती है, वहीं भाजपा अपने विकास मॉडल को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताती है।
चुनावी राजनीति में गुजरात हमेशा से महत्वपूर्ण राज्य रहा है और यहां के मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आते हैं।
खरगे का हमला क्यों अहम?
मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उनके बयान को पार्टी की आधिकारिक लाइन के रूप में देखा जाता है।
गुजरात जैसे भाजपा के मजबूत राज्य में सरकार पर हमला करना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस लगातार यह कोशिश कर रही है कि स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाया जाए।
जनता के मुद्दों पर फोकस
खरगे ने अपने बयान में विकास के बजाय जनता की रोजमर्रा की समस्याओं को केंद्र में रखा।
उन्होंने पेयजल, खेती और आम लोगों की जरूरतों को राजनीतिक चर्चा का मुद्दा बनाया।
कांग्रेस का कहना है कि सरकारों का मूल्यांकन केवल बड़े प्रोजेक्ट से नहीं बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी में हुए बदलाव से होना चाहिए।
गुजरात की राजनीति में विपक्ष की चुनौती
गुजरात में भाजपा लंबे समय से मजबूत राजनीतिक स्थिति में है।
ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है।
इसके लिए पार्टी स्थानीय मुद्दों, किसानों, युवाओं और रोजगार जैसे विषयों को प्रमुखता दे रही है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
राजनीति में आरोप और जवाबी आरोप आम बात हैं।
खरगे के बयान के बाद भाजपा की ओर से भी जवाब आने की संभावना है।
दोनों दल अपने-अपने पक्ष को जनता के सामने रखने की कोशिश करेंगे।
आने वाले समय में गुजरात के मुद्दों पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ सकती है।
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