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सूरत मर्डर केस
सूरत: गुजरात के सूरत जिले में युवा महिला इंजीनियर की सनसनीखेज हत्या का मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। वारदात को एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस के हाथ ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे हत्यारे की पहचान हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब 60 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। टीम फिंगरप्रिंट, मोबाइल डेटा और आसपास के लोगों से पूछताछ के जरिए हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मामला सूरत जिले के मांडवी तालुका स्थित गोदावड़ी गांव का है। 24 अगस्त की सुबह कंप्यूटर इंजीनियर निधि पटेल का शव उनके घर की छत पर मिला था। घटना के समय उनके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और वह घर में अकेली थीं। माता-पिता यात्रा से लौटे तो घर में बेटी दिखाई नहीं दी। तलाश करने पर छत पर उसका शव मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में सामने आया कि हमलावर ने कथित तौर पर मोबाइल चार्जर के तार और कपड़े की डोरी का इस्तेमाल कर निधि का गला घोंटा था। उनके चेहरे को प्लास्टिक की थैलियों से ढककर दम घोंटने की कोशिश भी की गई थी। शरीर पर मिले कुछ चोट के निशानों को देखते हुए पुलिस यौन हमले की आशंका की भी जांच कर रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक और अन्य जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
शुरुआत में मांडवी पुलिस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिलने के बाद सूरत ग्रामीण एसपी राजेश गढ़िया ने SIT गठित कर जांच का दायरा बढ़ाया। टीम का नेतृत्व मांडवी डिवीजन के सहायक पुलिस अधीक्षक अक्षेश इंजीनियर कर रहे हैं। स्थानीय अपराध शाखा, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और अलग-अलग थानों के अधिकारियों को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी मुश्किल इलाके में पर्याप्त CCTV नेटवर्क नहीं होना है। इसके कारण वारदात की रात गांव में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों को जोड़ना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वालों से पूछताछ की है। निधि के दोस्तों से भी संपर्क कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि हाल के दिनों में उसका किसी से विवाद हुआ था या उसे किसी तरह की धमकी मिली थी।
जांच टीम ने बड़े पैमाने पर फिंगरप्रिंट भी जुटाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने करीब 900 फिंगरप्रिंट नमूने लेकर घटनास्थल से मिले निशानों से मिलान करने की कोशिश की। करीब 85 लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन इससे कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि वारदात में किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, क्योंकि घर में जबरन घुसने के स्पष्ट निशान नहीं मिले। जांच में घर का पिछला दरवाजा खुला और सामने का दरवाजा अंदर से बंद मिलने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना है।
निधि का मोबाइल फोन पानी की टंकी से बरामद किया गया था। इसे डेटा रिकवरी और तकनीकी जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा, डिजिटल कम्युनिकेशन और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच से हत्यारे तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। फिलहाल 60 सदस्यीय टीम के लिए इस रहस्यमयी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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