गुजरात
गुजरात में पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं को बड़ी राहत, भोजन भत्ते में 200 रुपये की बढ़ोतरी
Ratna Netam
2 Nov 2026 7:28 PM IST

x
गांधीनगर। गुजरात सरकार ने पर्वतारोहण प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं और प्रशिक्षुओं के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं के दैनिक भोजन भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे 150 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये प्रतिदिन कर दिया है। इस निर्णय से पर्वतारोहण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले युवाओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। बढ़ती महंगाई और भोजन संबंधी खर्चों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया यह कदम साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सरकार के इस फैसले के बाद पात्र प्रशिक्षुओं को पहले की तुलना में प्रतिदिन 200 रुपये अधिक भोजन भत्ता मिलेगा। यह बढ़ोतरी लगभग 133.33 प्रतिशत है। इससे प्रशिक्षण के दौरान भोजन पर होने वाले खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए यह राहत उपयोगी साबित हो सकती है।
भोजन भत्ते में 200 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी
गुजरात सरकार के इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू दैनिक भोजन भत्ते में की गई बढ़ोतरी है। पहले पर्वतारोहण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल पात्र प्रशिक्षुओं को भोजन के लिए 150 रुपये प्रतिदिन की राशि निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है।नई दर के अनुसार, यदि किसी पात्र प्रशिक्षु का प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 दिनों तक चलता है, तो उसे भोजन भत्ते के रूप में कुल 3,500 रुपये की राशि मिल सकती है। पहले इसी अवधि के लिए 1,500 रुपये का प्रावधान होता था। इस प्रकार 10 दिनों के प्रशिक्षण में 2,000 रुपये का अंतर आएगा।इसी तरह 15 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में नई दर के अनुसार कुल 5,250 रुपये बनते हैं, जबकि पुरानी दर से यह राशि 2,250 रुपये होती थी। यानी 15 दिनों में 3,000 रुपये अधिक भोजन भत्ता उपलब्ध हो सकता है।हालांकि, वास्तविक भुगतान प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि, पात्रता और संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार ही होगा।
पर्वतारोहण प्रशिक्षण में भोजन की अहम भूमिका
पर्वतारोहण एक ऐसा साहसिक खेल है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और तकनीकी कौशल की विशेष आवश्यकता होती है। पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को कठिन रास्तों, ऊंचाई, बदलते मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में संतुलित और पौष्टिक भोजन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय तक पैदल चलना, चट्टानों पर चढ़ना, रस्सियों की सहायता से अभ्यास करना और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित करना अधिक ऊर्जा की मांग करता है।प्रशिक्षुओं को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता सीधे तौर पर उनकी कार्यक्षमता तथा प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।भोजन भत्ते में बढ़ोतरी से प्रशिक्षण संस्थानों को निर्धारित व्यवस्था के तहत भोजन सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की संभावना है।
जूनागढ़ और माउंट आबू के प्रशिक्षुओं को मिलेगा लाभ
सरकार का यह निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्रों के लिए किया गया है। इनमें जूनागढ़ स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र और माउंट आबू स्थित राज्य पर्वतारोहण संस्थान शामिल हैं।जूनागढ़ केंद्र में हर साल लगभग 230 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। वहीं माउंट आबू के संस्थान में करीब 280 प्रशिक्षु विभिन्न पर्वतारोहण गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। इस प्रकार दोनों केंद्रों के लगभग 510 प्रशिक्षुओं को नई व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।इन केंद्रों में बुनियादी पर्वतारोहण प्रशिक्षण, रॉक क्लाइंबिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सरकार पर सालाना 11.10 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च
भोजन भत्ते में बढ़ोतरी के कारण गुजरात सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 11.10 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा। इसमें जूनागढ़ के प्रशिक्षण केंद्र के लिए करीब 3.40 लाख रुपये और माउंट आबू के संस्थान के लिए 7.70 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रावधान शामिल है।राज्य के खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग के अंतर्गत आने वाले इन संस्थानों में हर वर्ष 20 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं।सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों को बेहतर भोजन सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे कठिन प्रशिक्षण के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता और ऊर्जा बनाए रख सकें।
एक अप्रैल 2027 से लागू होंगी नई दरें
सरकार द्वारा घोषित संशोधित भोजन भत्ता एक अप्रैल 2027 से लागू होगा। इसके बाद संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों में पात्र प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों के लिए भोजन पर निर्धारित दैनिक राशि 350 रुपये होगी।यह निर्णय युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने और पर्वतारोहण प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पर्याप्त पोषण मिलने से प्रशिक्षु कठिन शारीरिक अभ्यास में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।गुजरात सरकार की इस पहल से पर्वतारोहण में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पर्वतारोही तैयार करने में भी यह फैसला उपयोगी साबित हो सकता है।
Next Story





