गुजरात
10 साल के बेटे की पटक-पटककर हत्या,शव के पास सोता रहा पिता
Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 7:22 PM IST

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अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता पर अपने ही 10 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपित पिता ने कथित तौर पर बच्चे को घर में बने मंदिर में तीन बार पटका और इसके बाद उसके सिर पर डंडे से वार किया। इस घटना में बच्चे की जान चली गई। वारदात की जानकारी सामने आने के बाद परिवार के भीतर बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।बताया जा रहा है कि घटना घर के अंदर हुई, जहां बच्चा अपने पिता के साथ मौजूद था। आरोप है कि पिता ने अचानक हिंसक व्यवहार करते हुए बेटे पर हमला कर दिया। बच्चे की उम्र महज 10 साल थी। इस उम्र में बच्चों को परिवार से सुरक्षा और देखभाल की आवश्यकता होती है, लेकिन इस मामले में पिता पर ही उसकी जान लेने का गंभीर आरोप लगा है।
घर में बने मंदिर में बच्चे को पटकने का आरोप
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आरोपित पिता ने अपने बेटे को घर के भीतर बने मंदिर में कथित तौर पर तीन बार पटका। इसके बाद डंडे से उसके सिर पर हमला करने का भी आरोप है। सिर पर गंभीर चोट लगने से बच्चे की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकेगी।यह घटना इसलिए भी विचलित करने वाली है क्योंकि वारदात घर के उस स्थान पर होने की बात कही जा रही है, जहां परिवार के सदस्य पूजा-पाठ करते हैं। घर के भीतर हुई इस कथित हिंसा ने बच्चे की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है।पुलिस की आधिकारिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात किस क्रम में हुई और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था।
हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक पिता ने अपने ही मासूम बेटे के साथ इतनी हिंसा क्यों की। उपलब्ध विवरण में घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पिता और बेटे के बीच किसी विवाद, पारिवारिक तनाव या अन्य परिस्थितियों को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में हत्या के कारणों को लेकर किसी तरह की अटकल लगाना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और आरोपित ने कथित तौर पर ऐसा कदम क्यों उठाया।
अंधविश्वास से जुड़ी वजह आई सामने
पुलिस के अनुसार, यह घटना अहमदाबाद जिले के साणंद तालुका के विंछिया गांव में रविवार, 1 नवंबर की रात हुई। मृतक बच्चे की पहचान करण और आरोपित पिता की पहचान नरेश पटेल के रूप में हुई है। नरेश खेतिहर मजदूर है।बच्चे की मां भारतीबेन ने पुलिस शिकायत में बताया कि नरेश खुद को 'भुवा' मानता था। स्थानीय परंपरा में भुवा ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जो धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं के बीच मध्यस्थ होने का दावा करता है। शिकायत के अनुसार, नरेश नहीं चाहता था कि उसके बाद परिवार का कोई अन्य सदस्य यह भूमिका निभाए। उसने कथित तौर पर इसी सोच के कारण अपने बेटे की जान लेने की बात कही।
पति से विवाद के बाद मायके चली गई थी पत्नी
जानकारी के अनुसार, भारतीबेन करीब दस दिन पहले पति से विवाद होने के बाद मायके चली गई थीं। उनका बेटा करण परीक्षाओं के कारण पिता के पास ही रह गया था।रविवार शाम पड़ोसी ने भारतीबेन को फोन करके बेटे के साथ मारपीट की जानकारी दी। इसके बाद वह अपने परिजनों के साथ घर पहुंचीं। वहां करण का शव चारपाई पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। आरोपित पिता भी खून से सने कपड़ों में शव के पास लेटा हुआ मिला।
आरोपित पिता गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलने के बाद साणंद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपित नरेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस निरीक्षक जयप्रकाश चौहान के अनुसार, आरोपित की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल हैं। पुलिस उसके व्यवहार और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी निष्कर्ष के लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक होगा।
मासूम की हत्या ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा, घरेलू हिंसा और अंधविश्वास से जुड़े खतरों को फिर सामने ला दिया है। परिवार के भीतर होने वाली हिंसा कई बार बाहरी लोगों की नजर से दूर रहती है। ऐसे मामलों में समय रहते सहायता और कानूनी हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना के पीछे की परिस्थितियों और आरोपित की मंशा को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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