गुजरात

भारी बारिश से बनासकांठा का कांथेरिया गांव दो दिन रहा कट ऑफ, ट्रैक्टरों से ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया

Saba Naaz
26 July 2026 8:57 PM IST
भारी बारिश से बनासकांठा का कांथेरिया गांव दो दिन रहा कट ऑफ, ट्रैक्टरों से ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया
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गुजरात। बनासकांठा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिले के कांथेरिया गांव में बारिश का पानी भर जाने के कारण पिछले दो दिनों से गांव का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। सड़क मार्ग बाधित होने और चारों ओर पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से परिवारों को ट्रैक्टरों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण गांव के आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। जलभराव इतना बढ़ गया कि सामान्य वाहनों का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया। कई परिवार अपने घरों में फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक साधनों की जरूरत पड़ी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर राहत अभियान शुरू किया।

कांथेरिया गांव में फंसे परिवारों को निकालने के लिए ट्रैक्टरों का सहारा लिया गया। भारी बारिश और कीचड़ भरे रास्तों के बीच ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इस दौरान बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण हालात काफी मुश्किल हो गए थे और उन्हें मदद का इंतजार था।

प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों को तेज किया। अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी की और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बनासकांठा जिले में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण कई बार बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क टूटने की समस्या सामने आती है। ऐसे समय में प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कांथेरिया गांव के लोगों ने बताया कि दो दिनों तक गांव का संपर्क कटे रहने से दैनिक जरूरतों को लेकर भी परेशानी हुई। बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर ग्रामीण चिंतित रहे। हालांकि, राहत टीमों के पहुंचने के बाद लोगों को काफी राहत मिली।

अधिकारियों ने बताया कि बारिश कम होने के बाद जल निकासी का काम शुरू किया जाएगा और क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।

कांथेरिया गांव की घटना ने एक बार फिर दिखाया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्थानीय सहयोग और प्रशासनिक तत्परता कितनी महत्वपूर्ण होती है। ट्रैक्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालने की यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हुई। प्रशासन अब प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी में जुटा है।

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